रीवा की घटना पर सुलग उठा जैन समाज : संतों की सुरक्षा के लिए बने सख्त कानून
Raj Kumar Luniya
Tue, May 26, 2026मध्य प्रदेश के रीवा में गत 20 मई को विहार कर रहीं जैन धर्म की तपस्वी साध्वियों (आर्यिका माताजी) के साथ हुए दर्दनाक सड़क हादसे के विरोध में सोमवार को समग्र जैन समाज सड़कों पर उतर आया। इस भीषण घटना में पूज्य श्रुतिमति माताजी महाराज सा. का मौके पर ही निधन हो गया था, जबकि पूज्य उपसमिति माताजी महाराज सा. ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक अन्य माताजी का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इस हृदयविदारक घटना को लेकर पूरे देश सहित मालवा अंचल के रतलाम और जावरा में जैन समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों में गहरा रोष है।
रतलाम में विशाल वाहन रैली और ज्ञापन : श्री सकल जैन श्री संघ के आह्वान पर देशव्यापी आंदोलन के तहत रतलाम में समस्त जैन समाज के प्रतिनिधि और विभिन्न श्री संघों के अध्यक्ष व पदाधिकारी प्रातः चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिरजी से एक विशाल वाहन रैली के रूप में निकले। कलेक्ट्रेट पहुंचकर समाजजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव को सौंपा।
ज्ञापन का वाचन मांगीलाल जैन द्वारा किया गया। समाजजनों ने आरोप लगाया कि रीवा में असामाजिक तत्वों द्वारा कथित रूप से फोर व्हीलर वाहन से जानबूझकर टक्कर मारी गई है, जो कि एक गंभीर अपराध है। अंत में पंकज बिलाला ने उपस्थित समाजजनों का आभार व्यक्त किया।
जावरा में काली पट्टी बांधकर निकाली मौन रैली :इसी कड़ी में जावरा सकल जैन समाज द्वारा विरोध स्वरूप हाथों पर काली पट्टियां बांधकर स्थानीय घंटाघर चौराहे से एक विशाल मौन वाहन रैली निकाली गई। यह रैली नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय पहुंची, जहां एसडीएम सुनील जायसवाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसकी प्रतिलिपि सांसद सुधीर गुप्ता के प्रतिनिधि प्रदीप चौधरी और विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय के कार्यालय में भी प्रेषित की गई। ज्ञापन का वाचन पवन पाटनी ने किया तथा संचालन संदीप रांका ने किया। अंत में रितेश जैन ने सर्वसमाज का आभार जताया।
संयुक्त हिंदू समाज और विभिन्न संगठनों का पुरजोर समर्थन : इस राष्ट्रव्यापी मांग को रतलाम और जावरा दोनों ही स्थानों पर व्यापक समर्थन मिला। संयुक्त हिंदू समाज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विभिन्न राजनीतिक दलों, जिला व्यापारी संघ और प्रगतिशील सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर घटना की कड़ी निंदा की। सर्वसमाज के वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि देश-संस्कृति के मार्गदर्शक संत-महात्माओं की सुरक्षा करना शासन और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जैन समाज की प्रमुख मांगें:
कठोर कानूनी कार्रवाई: रीवा घटना के दोषियों के विरुद्ध लापरवाही के बजाय हत्या (मर्डर) सहित अन्य कठोर धाराओं में मामला दर्ज कर निष्पक्ष व त्वरित जांच की जाए।
विशेष सुरक्षा व्यवस्था: देशभर में पैदल पदयात्रा (विहार) करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष इंतजाम किए जाएं।
स्थायी सुरक्षा नीति: भविष्य में ऐसी प्राणघातक घटनाओं और दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन स्तर पर एक स्थायी एवं प्रभावी 'संत सुरक्षा नीति' बनाई जाए।
इस विरोध प्रदर्शन में प्रकाश मुणत, ओम अग्रवाल, प्रदीप चौधरी, प्रकाश चौरड़िया, पंकज काठेड़, पवन पाटनी, प्रीतेश गादिया, डॉ. सविता जैन (दीदी) सहित दोनों शहरों के जैन श्री संघों के पदाधिकारी, मातृशक्ति और हज़ारों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
आप इस विषय से जुड़ी अधिक जानकारी रीवा जैन साध्वी सड़क दुर्घटना समाचार वीडियो के माध्यम से देख सकते हैं, जिसमें घटना की गंभीरता और आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर विस्तृत अपडेट दिया गया है।
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