जिले के अशासकीय (निजी) विद्यालयों द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अभिभावकों पर विशेष दुकानों से ही पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म और जूते खरीदने के लिए बनाए जा रहे दबाव को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, कलेक्टर
मिशा सिंह
ने निजी स्कूलों की इस मनमानी पर रोक लगाने के लिए कड़े आदेश जारी किए हैं।
कंट्रोल रूम स्थापित, यहां करें शिकायत :
अभिभावकों की समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए जिला पंचायत कार्यालय में एक विशेष
कंट्रोल रूम
स्थापित किया गया है। यदि कोई भी निजी स्कूल प्रबंधन किसी विशेष दुकान या संस्था से सामग्री क्रय करने के लिए बाध्य करता है, तो अभिभावक सीधे प्रशासन को इसकी सूचना दे सकते हैं।
शिकायत हेतु दूरभाष क्रमांक:
07412-299372 जारी किया।
समय:
प्रातः 10:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक आप शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
होगी सख्त वैधानिक कार्रवाई :
कलेक्टर
मिशा सिंह
ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लिया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का यह कदम उन अभिभावकों के लिए बड़ी राहत है जो हर साल स्कूलों और चुनिंदा दुकानदारों की मिलीभगत के कारण महंगी सामग्री खरीदने को मजबूर होते थे।
अभिभावकों से अपील :
प्रशासन ने जिले के समस्त अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के दबाव में न आएं। यदि स्कूल द्वारा किसी विशेष ब्रांड या दुकान का नाम अनिवार्य किया जाता है, तो निर्भीक होकर कंट्रोल रूम के नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।