: निगम और याचिकाकर्ता की खींचतान में जनता पर लटक रही तलवार
admin
Mon, Dec 23, 2024
मुद्दा जनहित का : वार्ड नंबर 41 के आचार्य तुलसी मुख्य मार्ग ( भरावा की कुई ) पर 2020 से मोहल्ले की जर्जर सप्लाई टंकी को गिराने का आवेदन निगम को दिया जारहा हैं। पर निगम कागजी कार्रवाई से आगे नहीं बढ़ रहा है। ऐसे में अगर कोई जनहानि होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ?
रहवासियों का कहना है कि अभी मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना अंतर्गत सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है और सड़क पर आवागमन अभी बंद है इसलिए जनहित में इस जर्जर टंकी को गिराने का यह उपयुक्त समय है।

मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम में यह स्पष्ट है कि जो भी निर्माण जीर्ण-शीर्ण या गिरने की स्थिति में है। उसके मालिक को नोटिस देकर जर्जर निर्माण को ढहाने, मरम्मत कराने या सुरक्षित बनाने के लिए नोटिस दिया जाएगा। इसके बावजूद भवन मालिक द्वारा पहल नहीं की जाती है तो उस भवन को जनसुरक्षा की दृष्टी से नगर निगम गिरा देगी। इस पर लगने वाला खर्च भवन मालिक को व्यय करना होगा। इसी अधिनियम के तहत नपा सर्वे कराकर जर्जर भवन को चिह्नित कर ध्वस्त करने की कार्रवाई करती हैं।

कलेक्टर राजेश बाथम : जनहित की दृष्टि से मामले को दिखवाते है।
निगम आयुक्त हिमांशु भट्ट : यह टंकी जिस भूमि पर बनी हैं उसके मालिकाना हक को लेकर नगर पालिक निगम रतलाम और एडवोकेट अब्दुल रशीद अंसारी के मध्य मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए इसे गिराना पर कोर्ट की अवेहलना होगी।
खुर्शीद अब्दुल रशीद अंसारी एडवोकेट : जमीन के मालिकाना हक को लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है पर निगम हमें इस जर्जर टंकी को गिराने के नोटिस भी दे रहा है मामला कोर्ट में चलने के कारण हम इसे नहीं गिरा सकते हैं। नगर निगम इसे गिरा दे हम इसका खर्चा देने को तैयार हैं।
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