नारी शक्ति के लिए श्रृंगार, शास्त्र और शस्त्र तीनों जरूरी : महा मंडलेश्वर स्वामी देव स्वरूपानंद
Raj Kumar Luniya
Sun, Mar 8, 2026
रतलाम मप्र। पतंजलि योगपीठ हरिद्वार एवं युवा भारत जिला रतलाम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 25 दिवसीय एडवांस योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर अपने 22वें दिन गुरु कृपा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। विरियाखेड़ी स्थित गुरुनानक भवन में आयोजित इस शिविर में उस समय भक्ति का ज्वार उमड़ पड़ा, जब अखण्ड ज्ञान आश्रम के श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर पीठाधीश्वर स्वामी देव स्वरूपानंद जी महाराज का शुभागमन हुआ।
आंतरिक रक्षा कवच है जरूरी : महिला दिवस और रंगपंचमी के विशेष अवसर पर योग साधकों को संबोधित करते हुए स्वामी जी ने कहा कि नारी को केवल बाहरी श्रृंगार तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान समय में हर नारी के लिए श्रृंगार के साथ-साथ 'शास्त्र' (ज्ञान) और 'शस्त्र' (आत्मरक्षा) का ज्ञान होना भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि योग जीवन के हर रंग का आनंद लेने की एक सहयोगी क्रिया है।
धर्म के लिए हो धन का उपयोग : जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए महाराज श्री ने स्पष्ट किया कि धन का संचय धर्म के कार्यों के लिए होना चाहिए, न कि केवल भोगों की तृप्ति के लिए। उन्होंने कहा, "यदि आपके जीवन में क्षमा, दया, आदर, संतोष, स्थिरता और ईश्वरीय भक्ति है, तो आप भी एक ऋषि के समान हैं।" उन्होंने विश्वास दिलाया कि यदि तन और मन स्वस्थ है, तो परमात्मा की प्राप्ति निश्चित है।
योग महायज्ञ में आहुति दे रहे साधक : युवा भारत के राज्य प्रभारी प्रेम पुनिया के मार्गदर्शन में चल रहे इस शिविर का सफल संचालन युवा जिला प्रभारी विशाल कुमार वर्मा और भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के जिला प्रभारी डॉ. उत्तम शर्मा द्वारा किया जा रहा है। शिविर में सभी पदाधिकारी और योग सेवक पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रातः 6 से 8 बजे तक चलने वाले इस शिविर में साधक गुरु भक्ति के भजनों "थोड़ा ध्यान लगा ऋषिवर दौड़े चले आएंगे" के साथ योग की सूक्ष्म क्रियाओं का अभ्यास कर रहे हैं।
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25 दिवसीय एडवांस योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर
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