Breaking News
कलेक्टर के निर्देश पर रेस्टोरेंट्स में औचक निरीक्षण : पुष्पांजलि रेस्टोरेंट पर हुई चालानी कार्रवाई | पिता की मृत्यु के बाद उनके वारिसों को बना रहे ट्रस्टी : धर्मदास जैन श्री संघ ने की कलेक्टर से शिकायत | विश्वास के 86 वर्ष : अक्षय तृतीया पर डी.पी.ज्वेलर्स पर आभूषणों का नायाब संग्रह | हाथों में तिरंगा, दिल में लाइब्रेरी की आस : 2 घंटे तक पानी की टंकी पर डटा रहा युवक | विहिप-बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन : लव जिहाद के खिलाफ जताया कड़ा रोष | पुलिस कस्टडी में मौत से हड़कंप : एसपी ने दिए जांच के निर्देश, सुरक्षा को लेकर सख्त हिदायत | महिला ने उठाया आत्मघाती कदम : डायल-112 ने अस्पताल पहुँचाकर बचाई जान | देह व्यापार के दलदल से दो नाबालिगों का रेस्क्यू : महिला समेत एक आरोपी गिरफ्तार | वर्धमान तप की 73वीं ओली पूर्ण : साध्वी शौर्य प्रिया श्री जी ने रचा कीर्तिमान | निजी स्कूलों की मनमानी पर कसेगा शिकंजा : प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर | कलेक्टर के निर्देश पर रेस्टोरेंट्स में औचक निरीक्षण : पुष्पांजलि रेस्टोरेंट पर हुई चालानी कार्रवाई | पिता की मृत्यु के बाद उनके वारिसों को बना रहे ट्रस्टी : धर्मदास जैन श्री संघ ने की कलेक्टर से शिकायत | विश्वास के 86 वर्ष : अक्षय तृतीया पर डी.पी.ज्वेलर्स पर आभूषणों का नायाब संग्रह | हाथों में तिरंगा, दिल में लाइब्रेरी की आस : 2 घंटे तक पानी की टंकी पर डटा रहा युवक | विहिप-बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन : लव जिहाद के खिलाफ जताया कड़ा रोष | पुलिस कस्टडी में मौत से हड़कंप : एसपी ने दिए जांच के निर्देश, सुरक्षा को लेकर सख्त हिदायत | महिला ने उठाया आत्मघाती कदम : डायल-112 ने अस्पताल पहुँचाकर बचाई जान | देह व्यापार के दलदल से दो नाबालिगों का रेस्क्यू : महिला समेत एक आरोपी गिरफ्तार | वर्धमान तप की 73वीं ओली पूर्ण : साध्वी शौर्य प्रिया श्री जी ने रचा कीर्तिमान | निजी स्कूलों की मनमानी पर कसेगा शिकंजा : प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर |

100+ रक्तदान करने वाले रक्तमित्र का निधन : सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर

Raj Kumar Luniya

Tue, Dec 2, 2025

शहर ही नहीं बल्कि प्रदेशभर में ‘रक्तमित्र’ के नाम से अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले दिलीप भंसाली का आकस्मिक निधन सामाजिक क्षेत्र के लिए गहरा आघात लेकर आया है।

दिलीप भंसाली उन चुनिंदा व्यक्तियों में शामिल थे जिन्होंने 100 से भी अधिक बार रक्तदान कर अनगिनत लोगों की जान बचाई। किसी भी समय, किसी भी स्थान पर रक्त की आवश्यकता पड़ते ही सिर्फ उन्हें जानकारी देना पर्याप्त होता था। कुछ ही मिनटों में उनका सुझाया रक्तदाता अस्पताल या बताए गए स्थल पर पहुंच जाता था।

दिलीप भंसाली का व्यवहार, सरलता और सेवाभाव उन्हें समाज के हर वर्ग में प्रिय बनाता था। कई लोग भावुक होकर बताते हैं कि दिलीप भाई मुसीबत के समय बड़ी विनम्रता से कहते थे। “अभी आपका छोटा भाई है, चिंता न करें।” दो दिन पहले ही उन्होंने कई परिचितों के साथ दोलतगंज में चाय पी थी, किसी को अंदेशा भी नहीं था कि यह उनकी अंतिम मुलाकात होगी।

उनके निधन से समाज, संस्थाओं और मित्रों में गहरा दुख है। सभी के जन्मदिन पर दिलीप भाई हमेशा सबसे पहले शुभकामनाएं देते थे। आज वही ‘रक्तमित्र’ सबको रोता-बिलखता छोड़कर चला गया।

Tags :

Blood_Donation

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें