श्रावक संघ द्वारा झंडावंदन : मुनि श्री सदभाव सागर जी ने स्वतंत्रता दिवस पर दिया राष्ट्रप्रेम का संदेश
Raj Kumar Luniya
Fri, Aug 15, 2025श्री चंद्रप्रभ दिगम्बर जैन मन्दिर पर श्रावक संघ द्वारा चंद्र प्रभ दिगंबर जैन मंदिर के बाहर झंडा वन्दन मुनि 108 श्री सदभाव सागर जी मसा. एवं छूल्लक 105 श्री परमयोग सागर जी मसा. के मंगल सानिध्य मे समाजसेवी टी एल सेठ एवं सिंघई साहब व दिनेश जैन डूंगरपुर वाले ने झंडा वन्दन कर राष्ट्र ध्वज फहराया इस दौरान श्री मति दीपा जैन, पूर्वा जैन ने मंगला चरण एवं केसीयो मास्टर प्राणांश पुत्र आशीष जयश्री कोठारी ने केसीयो पर राष्ट्र गीत की धून प्रस्तुति की एवं श्रीमति प्रतिभा पाटनी,नेहा पाटनी, आशा जैन ने राष्ट्र गान किया। इस दौरान मुनि श्री सदभाव सागर जी महाराज ने राष्ट्र के नाम अपना संदेश दिया कि एक पथ है जो स्टेशन की ओर जाता है और एक पथ है जो मोक्ष की ओर जाता है। यह पाठ ही सिखाता है कि सुख के लिए छोड़ना पड़ता है। बिना बलिदान के सुख प्राप्त नहीं होता, बिना त्याग के सुख प्राप्त नहीं होता।
आज आप सब लोग आजादी का जश्न मना रहे हैं तो आजादी की कीमत आपको कुछ प्रयत्न करके ही प्राप्त हुई है एक देशभक्त से भरा मन अपना घर परिवार पत्नी व्यापार निजी स्वार्थ को छोड़कर राष्ट्रहित में समर्पित होता है ऐसे अनेक सेनानियों की ऊर्जा से भारत ने आजादी प्राप्त की है। हर कोई मखमल के कपड़े पर सुंदर नक्काशी को देख रहा है। इतने ताने बाने बुनने पड़े तब जाकर इस कपड़े ने एक सुंदर मखमल का रूप लिया है ऐसे ही हम स्वतंत्रता को भूल रहे हैं आज आपको अभी व्यक्ति की स्वतंत्रता है, आपको अपने अधिकारों की स्वतंत्रता है, आपको कमाई करने की, यत्र तत्र घूमने की स्वतंत्रता है। अपने धर्म के देवों को मानने की भी स्वतंत्रता है।
लेकिन जरा सोचिए यह स्वतंत्रता आपको कितनी मेहनत से मिली है इसीलिए बिना मेहनत के जब बिना मेहनत के घर नहीं चल सकता, बिना मेहनत के एक फैक्ट्री नहीं चल सकती तो क्या बिना मेहनत के देश चल सकता है क्या? देश हित, धर्म और राष्ट्र के प्रति हमेशा समर्पित रहना चाहिए उक्त बात अपनी स्वतंत्रता दिवस के व्याख्यान में कहीं। संचालन श्रावक संघ के संयोजक मांगीलाल जैन ने किया।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन