उत्कृष्ट पुलिसिंग का सम्मान : दो पुलिसकर्मी के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार से नवाजे जाएंगे
Raj Kumar Luniya
Fri, Oct 2, 2026
वर्ष 2024-25 के उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा घोषित के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार में रतलाम जिले के दो पुलिसकर्मियों का चयन हुआ है। उप निरीक्षक रघुवीर जोशी को अति विशिष्ट तथा प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा को विशिष्ट श्रेणी के पुरस्कार के लिए चुना गया है। प्रदेश में कुल 33 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित किया गया है।
जावरा थाने में पदस्थ उप निरीक्षक रघुवीर जोशी को अति विशिष्ट श्रेणी में 12 बोर गन और प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। वर्ष 2024 में जावरा शहर के शंकर मंदिर में गोवंश का सिर मिलने के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति के दौरान प्रभावी पुलिस प्रबंधन कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। स्थिति को बिना किसी अप्रिय घटना के नियंत्रित करने के लिए उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है।

वहीं साइबर सेल रतलाम में पदस्थ प्रधान आरक्षक 725 मनमोहन शर्मा को विशिष्ट श्रेणी में 50 हजार रुपए एवं प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। करीब 25 वर्ष के सेवाकाल में उन्होंने तकनीकी विश्लेषण और ओपन सोर्स तकनीक के माध्यम से अंधे कत्ल, अपहरण, चोरी, साइबर अपराध और मादक पदार्थों से जुड़े कई मामलों के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कालूखेड़ा थाना क्षेत्र में 10 माह की मासूम के अपहरण एवं हत्या के मामले में तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कराने और बच्ची का शव बरामद कराने में उनकी भूमिका रही। रिंगनोद थाना क्षेत्र में ढोढर फोरलेन पर युवती की हत्या, औद्योगिक क्षेत्र रतलाम में रचना उपाध्याय हत्याकांड और रावटी थाना क्षेत्र में माही नदी में मिली महिला की लाश के मामले के खुलासे में भी उन्होंने तकनीकी सहयोग दिया।
डीडी नगर थाना क्षेत्र में करीब 65 लाख रुपए की चोरी का मामला 24 घंटे में सुलझाने, आलोट में Meta Trades 5 Pro ऐप के जरिए 7.11 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी के मामले में छह आरोपियों की गिरफ्तारी तथा अन्य जटिल अपराधों के खुलासे में भी उनका योगदान रहा।

4.26 किलो MDMA की जब्ती में तकनीकी सहयोग
रतलाम जिले में MD ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में भी प्रधान आरक्षक शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभिन्न 26 प्रकरणों में 73 आरोपियों की गिरफ्तारी तथा करीब 4.10 करोड़ रुपए मूल्य की 4.262 किलोग्राम MDMA की जब्ती की कार्रवाई में उन्होंने तकनीकी सहयोग दिया।
इसके अलावा जावरा औद्योगिक क्षेत्र में बिक्री के लिए अपहृत किए गए दो बच्चों को ओपन सोर्स तकनीक की मदद से 24 घंटे में सुरक्षित बरामद कराने और सात आरोपियों की गिरफ्तारी में भी उनकी भूमिका रही। ऑपरेशन मुस्कान के तहत जिले में 158 गुमशुदा नाबालिगों को दस्तयाब कराने में भी तकनीकी सहयोग दिया।
प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा को करीब 25 वर्ष के सेवाकाल में सराहनीय कार्यों के लिए 423 बार प्रशंसा एवं नगद पुरस्कार मिल चुके हैं। इनमें 284 नगद पुरस्कार शामिल हैं, जिनकी कुल राशि 1 लाख 71 हजार 440 रुपए है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने दोनों पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि कर्तव्य के दौरान किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य स्तर पर प्रतिष्ठित सम्मान मिलना रतलाम पुलिस परिवार के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।
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