97 ने सुनाई पीड़ा : सीमांकन और बीमा राशि के अटके मामलों पर तहसीलदार तलब
Raj Kumar Luniya
Tue, Feb 10, 2026कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक नई पहल देखने को मिली। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने समय-सीमा से बाहर हो चुके (लंबित) आवेदनों पर कड़ा रुख अपनाते हुए अपने कक्ष में विभाग प्रमुखों की मौजूदगी में आवेदकों से सीधी चर्चा की। उन्होंने 25 ऐसे प्रकरणों की सुनवाई की जो लंबे समय से अटके हुए थे और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।
कुल 97 आवेदनों पर हुई सुनवाई
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित मुख्य जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ सुश्री वैशाली जैन ने आमजन की समस्याओं को सुना। आज कुल 97 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष आवेदनों के लिए समय-सीमा तय कर संबंधित विभागों को सौंपा गया है।
सीमांकन और बीमा राशि के मामले छाए रहे
जनसुनवाई में राजस्व और बीमा से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं:
जावरा और पिपलौदा: विवेकानंद कॉलोनी (जावरा) के बालचन्द्र सैनी व विष्णु हरोर और ग्राम हरियाखेड़ा के राधेश्याम परमार ने पटवारी द्वारा सीमांकन न किए जाने की शिकायत की। कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदारों को तत्काल नाप-जोख के निर्देश दिए।
फसल बीमा: ग्राम शेरपुर के धनपाल सिंह ने शिकायत की कि वर्ष 2023-24 का प्रीमियम जमा होने के बावजूद बैंक से बीमा राशि खाते में नहीं आई है।
श्रमिक सहायता: आलोट के आरिफ खान ने अपनी दिवंगत माता (असंगठित श्रमिक) के मृत्यु उपरांत मिलने वाले लाभ न मिलने की गुहार लगाई, जिस पर श्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया।
वेतनमान: दीनदयाल नगर निवासी सेवानिवृत्त कर्मचारी रामेश्वर कसारा ने 2014 से रुके हुए तृतीय समयमान वेतनमान दिलाने हेतु आवेदन दिया।
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