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हक की हुंकार : रतलाम में नजूल भूमि के लिए ग्रामीणों का 55 किमी पैदल मार्च

Raj Kumar Luniya

Fri, Feb 6, 2026

सामाजिक हक की लड़ाई के लिए रतलाम जिले की जावरा विधानसभा के बिनौली गांव के सूर्यवंशी समाज ने मिसाल पेश की है। नजूल की भूमि को समाज के नाम आवंटित करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण 55 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर जिला मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच लुका-छिपी का खेल भी देखने को मिला।

​पुलिस की घेराबंदी हुई नाकाम

​प्रशासन को जैसे ही ग्रामीणों के पैदल मार्च की सूचना मिली, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई जगह घेराबंदी की। मुख्य सड़कों पर बैरिकेडिंग लगाकर ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अडिग रहे। जब पुलिस ने उन्हें मुख्य मार्ग से आगे बढ़ने से रोका, तो ग्रामीणों ने हार नहीं मानी और खेतों के ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए अपना सफर जारी रखा।

​कलेक्ट्रेट में गूंजी मांग

​भारी मशक्कत के बाद ग्रामीण कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को बुलंद किया। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से नजूल की इस भूमि को अपने समाज के नाम करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन बार-बार आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ नहीं मिला।

​मुख्य मांगें:

  • ​चिन्हित नजूल भूमि को अविलंब समाज के नाम आवंटित किया जाए।

  • ​जमीन से जुड़े पुराने लंबित मामलों का त्वरित निराकरण हो।

  • ​प्रशासनिक दखलअंदाजी बंद कर ग्रामीणों को उनका अधिकार मिले।

"हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात कहने आए थे। पुलिस ने हमें रोकने की कोशिश की, लेकिन जब बात हमारे समाज और हक की हो, तो हम पीछे नहीं हट सकते। हमने 55 किमी का रास्ता तय किया है ताकि कलेक्टर साहब हमारी पीड़ा सुनें।" प्रदर्शनकारी ग्रामीण

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों से ज्ञापन लिया और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण वापस लौटे।

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पैदल मार्च

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