तोड़फोड़ के सालभर बाद भी सड़क गायब : लक्कड़पीठा में व्यापारियों का आक्रोश, निगम आयुक्त के बिगड़े बोल : Video
Raj Kumar Luniya
Wed, Oct 21, 2026
एक साल से सड़क निर्माण की बाट जोह रहे लक्कड़पीठा क्षेत्र के व्यापारियों और रहवासियों का धैर्य आखिरकार बुधवार को जवाब दे गया। चौड़ीकरण के नाम पर मकानों और दुकानों में तोड़फोड़ के बावजूद फोरलेन का निर्माण अधूरा रहने तथा धूल-मिट्टी व गड्ढों से त्रस्त लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और मार्ग जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर मांगों का बोर्ड लगाकर नगर निगम प्रशासन व ठेकेदार की कार्यप्रणाली के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया।
सड़क पर बोर्ड लगा जताया आक्रोश : क्षेत्रवासियों का कहना था कि निर्माण के नाम पर तोड़फोड़ तो तुरंत कर दी गई, लेकिन सालभर बीत जाने के बाद भी सड़क जस की तस अधूरी पड़ी है। इससे व्यापारियों का धंधा चौपट हो चुका है और राहगीरों का निकलना दूभर है। व्यापारियों ने साफ कहा कि निर्माण कार्य की निश्चित समयसीमा तय किए बिना वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
महापौर को बुलाने पर अड़े रहे प्रदर्शनकारी : चक्काजाम की सूचना मिलते ही नगर निगम आयुक्त अनिल भाना मौके पर पहुंचे और व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी महापौर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। करीब एक घंटे बाद महापौर प्रहलाद पटेल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों द्वारा लगाए गए मांग पत्र के बोर्ड को देखा और स्थानीय नागरिकों की समस्याएं विस्तार से सुनीं।

58 दिन में काम पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार होगा ब्लैक लिस्ट: महापौर एवं निगम आयुक्त ने चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि डामर के भाव बढ़ने के कारण ठेकेदार तिमन्ना नर्सिंग द्वारा काम में अनावश्यक देरी की गई।
महापौर एवं निगम आयुक्त ने नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आगामी 58 दिनों के भीतर लक्कड़पीठा फोरलेन का कार्य हर हाल में पूरा कराया जाएगा। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि ठेकेदार तिमन्ना नर्सिंग निर्धारित 58 दिनों में निर्माण पूरा नहीं करता है, तो उसे तत्काल ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
व्यापारियों व रहवासियों की 6 प्रमुख मांगें:
लिखित समय सीमा: फोरलेन निर्माण पूरा करने की समयसीमा तय कर लिखित रूप में सार्वजनिक की जाए।
समन्वित कार्य: सीवरेज, पानी और गैस पाइपलाइन का काम एक साथ पूरा हो; आवश्यकता पड़ने पर 30 दिन तक रास्ता पूरी तरह बंद रखा जाए।
डिवाइडर निर्माण: बड़बड़ हनुमान मंदिर मार्ग की तर्ज पर व्यवस्थित डिवाइडर बने व हाईटेंशन बिजली लाइनों की व्यवस्था स्पष्ट हो।
पोल व वृक्ष शिफ्टिंग: डिवाइडर बनाने से पूर्व बिजली के खंभे और पेड़ व्यवस्थित रूप से हटाए जाएं।
सफाई व्यवस्था: नाले की नियमित सफाई कराई जाए, ताकि मच्छर जनित बीमारियों से मुक्ति मिले।
पेड़ों का ब्योरा: निगम द्वारा पूर्व में शिफ्ट किए गए पेड़ों की सूची रहवासी संघ को दी जाए, ताकि स्थानीय लोग उनकी देखरेख और सिंचाई की जिम्मेदारी ले सकें।

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