नेत्रदान महादान : मूणत परिवार में परंपरा बना नेत्रदान, समाजजनों ने दी श्रद्धांजलि
Raj Kumar Luniya
Fri, Aug 7, 2026
मानव जीवन की सच्ची सार्थकता केवल अपने लिए जीने में नहीं, बल्कि जीवन के बाद भी किसी के काम आने में है। इसी मानवीय भावना को चरितार्थ करते हुए रामगढ़ निवासी सराफा व्यवसायी स्व. पन्नालाल जी मूणत के सुपुत्र बसंतीलाल जी मूणत के निधन के पश्चात उनके परिवार ने नेत्रदान का पुनीत निर्णय लेकर समाज के सामने प्रेरणादायी मिसाल प्रस्तुत की।
प्रितेश गादिया एवं हेमन्त मूणत की प्रेरणा से बसंतीलाल जी मूणत के पुत्र अभय मूणत तथा पौत्र प्रियांशु मूणत एवं श्रेयांश मूणत ने नेत्रदान की सहमति प्रदान की। परिजनों की सहमति मिलने पर नेत्रम संस्था के हेमन्त मूणत ने बड़नगर गीता भवन न्यास के ट्रस्टी एवं नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल को सूचना दी। डॉ. ददरवाल ने रतलाम पहुंचकर नेत्रदान की प्रक्रिया विधिवत रूप से संपन्न कराई।

परिवार में परंपरा बना नेत्रदान : मूणत परिवार में नेत्रदान की भावना सेवा-संस्कार के रूप में स्थापित हो चुकी है। पूर्व में बसंतीलाल मूणत के बड़े भ्राता वर्धमान मूणत एवं सौभाग्यमल मूणत का भी नेत्रदान हो चुका है। परिजनों ने अपने प्रियजनों की इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
समाजजनों ने दी श्रद्धांजलि : नेत्रदान के अवसर पर कांतिलाल मूणत, अशोक मूणत, मंगल मूणत, सुरेश मालवी, पारस पितलिया, मुकेश कटारिया, राजकुमार मूणत, सुरेन्द्र मूणत, संजय बम्बोरी, अर्पित मालवी, हेमन्त मूणत, नवनीत मेहता, शलभ अग्रवाल, सुशील मीनू माथुर, राकेश कोठारी, मनोज भंडारी, पंकज गामी, मोहित जैन एवं सौरभ जैन सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मूणत परिवार के इस निर्णय की सराहना की।
नेत्रम एवं गीता भवन न्यास ने किया सम्मान : प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात नेत्रम संस्था एवं गीता भवन न्यास की ओर से मूणत परिवार को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। संस्था ने समाज से अपील की कि नेत्रदान के प्रति जागरूक बनें, भ्रांतियों को दूर करें और इसे सेवा संस्कार के रूप में अपनाएं।
Tags :
नेत्रम संस्था
गीता भवन न्यास
विज्ञापन
विज्ञापन