बिना RNI अखबार प्रकाशित करना कानून अपराध : AI निर्मित न्यूज पेपर पर केन्द्र सरकार की लगाम जरूरी
Raj Kumar Luniya
Wed, Aug 19, 2026
मध्य प्रदेश के जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया सलाहकार समिति सदस्य राज कुमार लुनिया ने AI की मदद से तैयार किए जा रहे न्यूजपेपरों पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आजकल AI टूल्स का इस्तेमाल करके खबरों को अखबार के रूप में पेश किया जा रहा है। अगर कोई व्यक्ति इसमें फेक न्यूज शामिल कर दे, तो इससे RNI रजिस्टर्ड अखबारों से पाठकों का विश्वास उठ जाएगा।

लुनिया ने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में पाठक केवल बड़े कॉरपोरेट समूहों के अखबारों को ही विश्वसनीय मानेंगे। अगर केंद्र सरकार इस पर सख्ती से प्रतिबंध नहीं लगाती, तो आने वाले समय में सिर्फ चुनिंदा बड़े अखबार ही बचेंगे। मध्यम अखबारों से पाठकों की रुचि समाप्त हो जाएगी और इनमें काम कर रहे लाखों पत्रकारों, कंप्यूटर ऑपरेटरों तथा अन्य स्टाफ की रोजी-रोटी पर संकट आ सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि RNI रजिस्ट्रेशन के बिना न्यूजपेपर प्रकाशित करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए उन्होंने सभी पत्रकार बंधुओं एवं भारत की जागरूक जनता से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने और बिना RNI नंबर वाले AI निर्मित अखबारों का स्वयं बहिष्कार करने की अपील की है।
यह मुद्दा प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता और मध्यम अखबारों के अस्तित्व से जुड़ा है। केंद्र सरकार को समय रहते इस पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि पाठकों का भरोसा बना रहे और हजारों पत्रकारों की आजीविका सुरक्षित रहे एवं भारत के किसी भी राज्य में AI निर्मित फेक न्यूज के कारण लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने की स्थिति निर्मित नहीं हो पाए।
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