GMC रतलाम की बड़ी उपलब्धि : रावतभाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट के साथ किया MOU
Raj Kumar Luniya
Fri, Aug 7, 2026
डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रतलाम ने चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में एक और राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि हासिल की है। देश के सबसे प्रतिष्ठित और पुराने रावतभाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट, राजस्थान द्वारा मध्य प्रदेश और राजस्थान के 10 से अधिक चिकित्सा महाविद्यालयों से अनुसंधान प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद रतलाम मेडिकल कॉलेज का चयन किया गया है।
इस परियोजना के तहत रावतभाटा में आयोजित कार्यक्रम में साइट डायरेक्टर डी.एस. राव की उपस्थिति में लगभग 90 लाख रुपये के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। मेडिकल कॉलेज की ओर से डीन डॉ. अनिता मूथा तथा रावतभाटा आर.आर. साइट की ओर से चिकित्सा अधीक्षक डॉ. निधि जैन ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. एस.के. लिखार, डॉ. ध्रुवेन्द्र पांडे एवं डॉ. लोकेन्द्र सिंह कोट भी मौजूद रहे।
चार जिलों के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र होंगे कवर : MOU के अनुसार, रावतभाटा परमाणु ऊर्जा संयंत्र के 30 किलोमीटर के दायरे में रहने वाली आबादी का व्यापक 'डाइटरी सर्वे' किया जाएगा। इसमें राजस्थान के दो जिले (चित्तौड़गढ़ व कोटा) तथा मध्य प्रदेश के दो जिले (मंदसौर व नीमच) शामिल होंगे। अध्ययन के जरिए स्थानीय आबादी के भोजन उपभोग पैटर्न, पोषण स्तर और खाद्य पदार्थों की खपत की वैज्ञानिक जानकारी जुटाई जाएगी, ताकि संयंत्र के सामान्य संचालन या विशेष परिस्थितियों में संभावित रेडियोलॉजिकल प्रभावों का सटीक आकलन किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय 24-घंटे की डाइटरी रिकॉल पद्धति का उपयोग : सर्वेक्षण में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य 24-घंटे की डाइटरी रिकॉल पद्धति अपनाई जाएगी। इसके तहत शिशुओं से लेकर वयस्कों तक सभी आयु वर्गों के दैनिक भोजन, पेयजल, दूध, अनाज, दालें, फल व सब्जियों के उपभोग का विस्तृत विवरण जुटाया जाएगा।
छात्रों और शोधकर्ताओं को मिलेगा व्यावहारिक अनुभव : महाविद्यालय के विशेषज्ञ संकाय सदस्य, शोधकर्ता और विद्यार्थी फील्ड सर्वे, डेटा कलेक्शन, सांख्यिकीय विश्लेषण तथा शोध प्रकाशन में भूमिका निभाएंगे। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की अनुसंधान परियोजना पर काम करने का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व वर्ष 2024 में रतलाम मेडिकल कॉलेज का कम्युनिटी मेडिसिन विभाग बांसवाड़ा न्यूक्लियर साइट के लिए भी इसी प्रकार का सफल प्रोजेक्ट पूरा कर चुका है।
यह MOU संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। इससे राष्ट्रीय स्तर के शोध संस्थानों के साथ रणनीतिक सहयोग को नई गति मिलेगी और चिकित्सा शिक्षा व सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता स्थापित होगी। डॉ. अनिता मूथा, डीन, GMC रतलाम
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