दूध की कीमतों पर प्रशासन का अंकुश : हर 4 माह में होगी दूध के दामों की समीक्षा
Fri, Jan 9, 2026
जिले में दूध के दामों को लेकर चल रहा गतिरोध गुरुवार को समाप्त हो गया। कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में कलेक्टर मिशा सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में निर्णय लिया गया कि अब शहर में दूध
60 रुपये प्रति लीटर
की दर से विक्रय किया जाएगा।
दामों में 2 रुपये की कटौती के निर्देश :
बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती सिंह ने दुग्ध विक्रेताओं और पशुपालकों द्वारा हाल ही में की गई 4 रुपये की वृद्धि पर विस्तृत चर्चा की। सभी पक्षों को सुनने के बाद कलेक्टर ने निष्कर्ष निकाला कि 4 रुपये की एकमुश्त वृद्धि आम उपभोक्ताओं के लिए अधिक है। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए विक्रेताओं को वर्तमान वृद्धि में 2 रुपये की कमी करने के निर्देश दिए, जिसे सभी पक्षों ने आपसी सहमति से स्वीकार कर लिया।
अगली समीक्षा चार माह बाद :
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दुग्ध मूल्यों की वर्तमान स्थिति की पुनः समीक्षा आगामी चार माह बाद की जाएगी। बैठक में सांची दुग्ध संघ, पशुपालन विभाग और डीआरसीएस को निर्देशित किया गया कि वे उन ग्रामों को चिन्हित करें जहां दूध का उत्पादन अधिक है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों में नई दुग्ध समितियों का गठन कर उन्हें 'मिल्क रूट' से जोड़ा जाए ताकि पशुपालकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी :
इस महत्वपूर्ण बैठक में उपसंचालक पशुपालन, सांची दुग्ध संघ उज्जैन के प्रबंधक, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, डीआरसीएस सहित बड़ी संख्या में दुग्ध विक्रेता एवं पशुपालक उपस्थित थे।
स्वास्थ्य केंद्र की लचर व्यवस्था : पत्र लिख की दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग
Thu, Jan 8, 2026
रतलाम जिले के सैलाना विधानसभा क्षेत्र के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और डॉक्टरों की अनुपस्थिति को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेड़दा में आपातकालीन समय पर डॉक्टर के मौजूद न होने पर विधायक ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को शिकायती आवेदन सौंपा है।
हादसे के समय खाली मिला अस्पताल
विधायक द्वारा सौंपे गए आवेदन (क्रमांक 06/VIP/2026) के अनुसार, घटना 2 जनवरी 2026 की रात करीब 9 बजे की है। ग्राम टोरी क्षेत्र में एक ऑटो रिक्शा और अल्टो कार के बीच भीषण टक्कर हो गई थी, जिसमें सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जब प्राथमिक उपचार के लिए बेड़दा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, तो वहां ड्यूटी पर कोई भी डॉक्टर तैनात नहीं था।
आमजन के जीवन के साथ खिलवाड़: विधायक
विधायक डोडियार ने इस स्थिति को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्घटना या आपात स्थिति में डॉक्टरों का गायब रहना सीधे तौर पर जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की है कि बेड़दा PHC के मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
24×7 उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग
शिकायत में विधायक ने प्रशासन से मांग की है कि केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर भी सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 24×7 डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं। विधायक ने सीएमएचओ से इस पूरे मामले में की गई कार्यवाही से जल्द अवगत कराने का अनुरोध किया है।
प्रॉपर्टी में घाटा : वीडियो बना मौत को गले लगाने चला व्यापारी
Thu, Jan 8, 2026
मध्य प्रदेश के रतलाम के एक प्रतिष्ठित व्यापारी द्वारा राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में सुसाइड अटेम्प्ट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना से पहले व्यापारी ने अपने बेटे के नाम एक हृदयविदारक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने प्रॉपर्टी के काम में हुए भारी नुकसान को इस कदम की वजह बताया है।
वीडियो में छलका दर्द
व्यापारी ने वीडियो में अपने बेटे को संबोधित करते हुए कहा,
"बेटा, मैं अब बहुत दूर जा रहा हूं। प्रॉपर्टी के काम में मुझे बहुत लॉस हो गया है, जिसकी भरपाई अब मुमकिन नहीं दिख रही। तुम अपनी मां और बहन का पूरा ख्याल रखना।"
वीडियो में उनकी आवाज में हताशा और परिवार के प्रति चिंता साफ झलक रही थी।
घटनाक्रम और रेस्क्यू
जानकारी के अनुसार, व्यापारी रतलाम से लापता थे और उनकी लोकेशन राजस्थान में मिली। वीडियो संदेश मिलते ही परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। राजस्थान पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता से व्यापारी को गंभीर स्थिति में रेस्क्यू कर लिया गया। फिलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रॉपर्टी विवाद और मानसिक तनाव
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पिछले कुछ समय से व्यापारी कारोबार में घाटे के चलते गहरे मानसिक तनाव में थे। उन्होंने कई जगह निवेश किया था, लेकिन वहां से रिटर्न न मिलने के कारण वे आर्थिक दबाव महसूस कर रहे थे। पुलिस अब इस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है कि क्या उन्हें किसी की ओर से डराया या धमकाया भी जा रहा था।
मदद उपलब्ध है:
जीवन की चुनौतियां कभी-कभी भारी पड़ सकती हैं, लेकिन कोई भी समस्या इतनी बड़ी नहीं कि जान देनी पड़े। अगर आप या आपका कोई जानने वाला मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया हेल्पलाइन नंबरों या विशेषज्ञों से बात करें।