Breaking News
Re-NEET 2026 : अभ्यास इंस्टीट्यूट के 300 से ज्यादा छात्र नीट में हुए क्वालिफाई | बैंक में जमा पैसा भी सुरक्षित नहीं ! : कर्मचारी ने परिचितों संग मिलकर रची थी साजिश | पुलिस-राजस्व महाशिविर : भूमि विवाद की 630 शिकायतें, 450 का मौके पर निपटारा Video | 46.5° की तपिश से सबक : रतलाम में चलेगा त्रिवेणी वन रोपण महाअभियान | मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ का संभागीय सम्मेलन संपन्न : वैचारिक मंथन के साथ नई कार्यकारिणी घोषित | कांग्रेस का जनआक्रोश : बैरिकेड्स तोड़े, पुलिस से झड़प, वाटर कैनन के बीच कई नेता गिरफ्तार ; Video | सैलाना विधानसभा को बड़ी सौगात : विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थायी डॉक्टरों की पदस्थापना | दोस्ती कर नाबालिग को डराया : पिता की हत्या की धमकी देकर घर से मंगवा लिए सोने के गहने | अपने घर के बाहर लगाऊँगा चंदा चोरों का प्रवेश निषेध का बैनर : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह | सैलाना के ग्रामीण इलाकों में दबिश : भारी मात्रा में अवैध शराब और लहान जप्त | Re-NEET 2026 : अभ्यास इंस्टीट्यूट के 300 से ज्यादा छात्र नीट में हुए क्वालिफाई | बैंक में जमा पैसा भी सुरक्षित नहीं ! : कर्मचारी ने परिचितों संग मिलकर रची थी साजिश | पुलिस-राजस्व महाशिविर : भूमि विवाद की 630 शिकायतें, 450 का मौके पर निपटारा Video | 46.5° की तपिश से सबक : रतलाम में चलेगा त्रिवेणी वन रोपण महाअभियान | मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ का संभागीय सम्मेलन संपन्न : वैचारिक मंथन के साथ नई कार्यकारिणी घोषित | कांग्रेस का जनआक्रोश : बैरिकेड्स तोड़े, पुलिस से झड़प, वाटर कैनन के बीच कई नेता गिरफ्तार ; Video | सैलाना विधानसभा को बड़ी सौगात : विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थायी डॉक्टरों की पदस्थापना | दोस्ती कर नाबालिग को डराया : पिता की हत्या की धमकी देकर घर से मंगवा लिए सोने के गहने | अपने घर के बाहर लगाऊँगा चंदा चोरों का प्रवेश निषेध का बैनर : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह | सैलाना के ग्रामीण इलाकों में दबिश : भारी मात्रा में अवैध शराब और लहान जप्त |

: यदि मन की बिगडेगी प्रकृति, तो निश्चित आएगी विकृति : प्रकाशमुनिजी म.सा

admin

Wed, Apr 26, 2023

रतलाम 25 अप्रैल। आजकल लोग कहते है कि प्रकृति बिगड गई है। कभी भी गर्मी हो जाती है, कभी भी बारिश हो जाती है, लेकिन इसमें प्रकृति का दोष नहीं है। हमारी आत्मा की प्रकृति बिगडी, तो संसार की प्रकृति बिगडी है। व्यक्ति को उसका मन जिस दिशा में ले जाता है, वह वैसा ही सोचने और करने लगता है। मन की प्रकृति बिगडती है, तभी विकृति आएगी।

यह बात श्रमण संघीय प्रवर्तक श्री प्रकाशमुनिजी मसा ने नोलाइपुरा स्थित श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल स्थानक में व्याख्यान के दौरान कही। अनुचित पथ विषय पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रकृति में आए बदलावांे के लिए मनुष्य स्वयं ही दोषी है। यदि हम प्रकृति रहते, तो प्रकृति सदैव हमारे साथ रहती, लेकिन व्यक्ति अपने मन के अधीन हो गया। इससे मन जो कहता है, वही उसे करना होता है और इससे विकृतियां बढती जा रही है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आत्मा की प्रकृति में जीना चाहिए, क्योंकि प्रकृति में जीने वाला कभी दुखी नहीं होता, वह सदैव प्रसन्न रहता है। सब यह विचार करे कि सडक पर करोडों की गाडी में जाने वाला अधिक प्रसन्न है अथवा पैदल विहार करने वाले संतों की प्रसन्नता अधिक है।

प्रवर्तकश्री ने कहा कि संतों का चित्त प्रकृति के साथ रहता है, जबकि अन्य लोगों का चित्त मन और व्यक्ति के अधीन है। संसार में हमेशा शरीर ही थकता है, मन कभी नहीं थकता। यदि हमारे चित्त की प्रसन्नता हमारे हाथ में नहीं है, तो उसके लिए हम स्वयं दोषी है। हमने अपने मन को दूसरों अधीन कर दिया हैं प्रवर्तकश्री ने प्रसन्न रहने के लिए प्रकृति के साथ चलने का आव्हान किया। आरंभ में महासती श्री रमणीक कुंवर रंजन की मसा ने विचार रखे। इस दौरान पंडित रत्न श्री महेन्द्र मुनिजी मसा, श्री दर्शनमुनिजी मसा, श्री अभिनंदन मुनि जी मसा,एवं महासती श्री चंदनबाला जी मसा, श्री कल्पनाश्रीजी मसा, श्री चंदना जी मसा, श्री लाभोदया जी मसा, श्री जिज्ञासा जी मसा आदि ठाणा उपस्थित रहे। संचालन रखब चत्तर ने किया। प्रभावना का वितरण चंदनमल, राजमल मूणत परिवार द्वारा किया गया।

अभिग्रहधारी और उग्रविहारी का विहार : वर्षीतप पारणा महोत्सव संपन्न होने के बाद अभिग्रहधारी एवं उग्र विहारी श्री राजेशमुनिजी मसा ने सेवाभावी श्री राजेन्द्रमुनिजी मसा के साथ मंगलवार सुबह रतलाम से विहार कर दिया। वे उग्र विहार करते हुए बिलपांक तक पहुंच गए। गुरूभक्तों ने जय-जयकार करते हुए उन्हें बिदाई दी।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें