बैंक में जमा पैसा भी सुरक्षित नहीं ! : कर्मचारी ने परिचितों संग मिलकर रची थी साजिश
Raj Kumar Luniya
Tue, Jul 7, 2026
शहर के लक्कड़पीठा रोड स्थित यूको बैंक शाखा में ग्राहकों की फिक्स डिपॉजिट (FD) को धोखाधड़ी और षड्यंत्रपूर्वक तोड़कर राशि अपने खातों में ट्रांसफर करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करने में माणकचौक थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बैंक कर्मचारी सहित ७ लोगों को गिरफ्तार किया है।
मोबाइल ऐप के जरिए दिया वारदात को अंजाम : पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फरियादी दिनेश बंजारा ने 30 जून 2026 को माणकचौक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि यूको बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी राहुल राठौर ने उसके और अन्य कई लोगों की एफडी को मोबाइल बैंकिंग ऐप के माध्यम से षड्यंत्रपूर्वक समय से पहले ही तोड़ दिया। इसके बाद आरोपी राहुल ने उस राशि को स्वयं के और अपने परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर अवैध लाभ कमाया। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक २६६/२६ के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा ३१८(४) (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया था।
एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम : मामले की गंभीरता को देखते हुए रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद एएसपी विवेक कुमार लाल, एएसपी राकेश पंद्रो और सीएसपी सत्येन्द्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में माणकचौक थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रमसिंह चौहान के नेतृत्व में एक विशेष टीम और साइबर सेल का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर बैंक धोखाधड़ी से जुड़े 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम की भूमिका : इस कार्रवाई में निरीक्षक विक्रमसिंह चौहान, उनि. शांतिलाल चौहान, उनि. लोकेन्द्रसिंह डाबर, उनि. सुभाष अग्निहोत्री, सउनि. आशीष मांगरिया, प्रआर. राजसिंह, प्रआर. दिनेश जाट, प्र.आर. विकास बौरासी, प्र.आर. विजय झोडिया, आर. महेश मईडा, अविनाश मिश्रा, मनोहर सिंह, हेमन्त यादव, संदीप शर्मा, जीवन विश्वकर्मा, सुरेन्द्र राठौर, अविनाश राठौर, अशोक सीनम, विरेन्द्रसिंह बारोड, संजीव शर्मा एवं सायबर सेल की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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