: योगमय हर वार्डों में महापौर योग शाला लगाईं जाएगी : प्रहलाद पटेल
Fri, Apr 21, 2023
पतंजलि युवा भारत जिला रतलाम म.प्र.पश्चिम पांचों संगठनों के तत्वावधान में गुरुनानक भवन सिंधी गुरुद्वारे विरियाखेड़ी रतलाम स्थित 25 दिवसीय सहयोग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर 20 अप्रैल 2023 प्रथम दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि स्वरूप नगर के प्रथम नागरिक महापौर प्रहलाद पटेल नरेन्द्र ममतानी अध्यक्ष शहीद हेमू कालानी चेरिटेबल ट्रस्ट रतलाम विशेष अतिथि समाजसेवी अनिल झालानी डॉ प्रदीप जैन अध्यक्ष महावीर इंटरकांटिनेंटल रतलाम की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दिप प्रज्वलन कर अतिथियों का सम्मान कर शिविर आरंभ किया गया।
युवा राज्य प्रभारी प्रेमाराम पुनिया द्वारा समस्त असाध्य रोगों के उपचार की विधियां अष्टांग योग आसन प्राणायाम सूर्य नमस्कार दंड बैठक ध्यान क्रिया के माध्यम से योग प्रशिक्षण दिया गया सामूहिक योग के साथ साथ यज्ञाचार्य पं संजय शिवशंकर दवे द्वारा 81 प्रकार की दिव्य औषधीय जड़ी बूटी युक्त यज्ञ हवन किया गया साधकों द्वारा आहुतियां दी गई।
कुशल योग शिक्षकों द्वारा आफलाइन/ आनलाइन योग प्रशिक्षण में रतलाम जिले सहित प्रदेश के कई जिलों से योग साधक जुड़े योग में अपना कैरियर बनाने के उद्देश्य से 25 दिवसीय योग शिविर में भाग लेकर परीक्षा देकर स्केल इंडिया एवं पतंजलि के सहयोग से सर्टिफिकेट एवं मार्कशीट प्राप्त कर सकते हैं जो योग के क्षेत्र में कैरियर के लिए उपयोगी साबित होगा जिसमे 60 योग शिक्षक तैयार हो रहे है।
रजिस्ट्रेशन अभी दो दिन तक शिविर स्थल पर ही होंगे रतलाम पतंजलि संगठन के आधार स्तंभ वरिष्ठ योग गुरु प्रकाश चन्द्र बिलाला विनय मोघे जिला प्रभारी उत्तम शर्मा राजमल कुमावत पतंजलि चिकित्सालय के अपार उपाध्याय श्रीमती निर्मला उपाध्याय कृष्णा अग्रवाल ललीता कुमावत के सानिध्य मार्गदर्शन में योग शिविर संचालित किया जा रहा है।
केन्द्रीय समिति में म.प्र.पश्चिम युवा राज्य प्रभारी प्रेमाराम पुनिया युवा भारत राज्य कार्यकारिणी सदस्य जिलाध्यक्ष विशाल कुमार वर्मा महामंत्री सुश्री जयश्री राठोड़ यज्ञाचार्य पं. संजय शिवशंकर दवे राजेश चांदवानी महामंत्री नित्येन्द्र आचार्य शिविर कार्यालय प्रभारी राजश्री राठोड़ मुख्य योगदान दे रहे हैं।
युवा भारत योग शिविर प्रबंध समिति प्रमुख जिलाध्यक्ष विशाल कुमार वर्मा ने रतलाम नगरवासियों योग साधकों के उत्साह को देखते हुए रजिस्ट्रेशन की अवधि बढ़ा दी गई हैं सामान्य साधकों के लिए निःशुल्क योग शिविर का में स्वास्थ्य लाभ लेने आयोजन को सफल बनाने का आग्रह किया।
: संसार में आत्म बल से कोई बडा बल नही : प्रवर्तक श्री प्रकाशमुनि जी म.सा
Wed, Apr 19, 2023
रतलाम 19 अप्रैल।
आत्मा की शक्ति के सामने कोई शक्ति प्रमाणित नहीं है। आत्मा अनंत शक्ति का पुंज और भण्डार है। आत्म शक्ति को जगाने के लिए सदगुरू का सानिध्य जरूरी है। प्रभु की वाणी आत्मा को जागृत करने में सहायक है।
यह बात श्रमणसंघीय प्रवर्तक श्री प्रकाशमुनिजी मसा ने नोलाईपुरा स्थित श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल स्थानक में प्रवचन देते हुए कही। उन्होंने कहा कि परमात्मा भी संसार में आत्मबल से जीते है। आत्मबल नहीं हो, तो कोई बल काम नहीं करता। साधक जब साधना के क्षेत्र में उतरता है, तो वहां भी संग्राम जैसी स्थिति ही होती है। आत्म बल नहीं होने पर साधना भी सफल नहीं होती। सैनिक और साधु कफन साथ लेकर चलते है। दोनो को ही पता नहीं होता कि कब जिदंगी की शाम हो जाए। उनके काम भी सिर्फ आत्मबल ही आता है।
प्रवर्तकश्री ने कहा कि साधक वहीं होता है, जो किसी भी परिस्थिति में नहीं घबराता। प्रत्येक मनुष्य को साधक बनने का प्रयास करना चाहिए। संसार में नाम उसी का चलता है, जिसकी पुण्यवानी होती है। तीर्थंकरों का नाम भी पुण्यवानी से ही हुआ। आज संसार मे ंनाम के झगडे होते है,लेकिन वास्तव में नाम उसी का होता है, जिसकी पुण्यवानी रहती है। पुण्यवानी नहीं हो, तो पुत्र, पिता की और पत्नी, पति की सेवा नहीं करती। इसलिए सबकों आत्मबल मबजूत कर साधक के रूप में पुण्य अर्जित करने चाहिए।
प्रवचन के आरंभ में अभिग्रहधारी श्री राजेशमुनिजी ने वर्षीतप पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व खाचरौद से विहार पश्चात पंडित रत्न श्री महेन्द्र मुनिजी मसा का वर्षीतप पारणा महोत्सव के लिए मंगल प्रवेश हुआ। प्रवचन के दौरान श्री दर्शनमुनिजी मसा, पूज्य श्री अभिनंदन मुनि जी मसा एवं महासती श्री रमणीक कुँवर जी मसा, पूज्या श्री चंदना जी मसा, पूज्या श्री लाभोदया जी मसा, पूज्या श्री जिज्ञासा जी मसा पूज्या श्री चंदनबाला जी मसा, पूज्या श्री कल्पना जी मसा आदि ठाणा उपस्थित रहे। संचालन सौरभ मूणत ने किया। प्रभावना का वितरण रेखा बहन-मिलन मेहता की स्मृति में कमलाबाई-दीपचंद गांधी परिवार द्वारा किया गया।
: संसार मे भोगना ही पडता है, कर्म का फल : प्रवर्तक श्री प्रकाश मुनिजी मसा
Sun, Apr 16, 2023
रतलाम 16 अप्रैल।
संसार वैसे तो मीठा लगता है, लेकिन इसमें कूदो तो खारा लगने लगता है। संसार की यही रीत सदियों से चली आ रही है, इसमें मनुष्य जो भी कर्म करता है, उसे उनका फल भोगना ही पडता है। इसलिए ऐसे कर्म करो कि परमार्थ प्राप्त हो जाए।
यह बात नोलाईपुरा स्थित श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल स्थानक में श्रमण संघीय प्रवर्तक श्री प्रकाश मुनिजी मसा ने कही। रविवार को उनकी निश्रा में आचार्यश्री उमेश मुनिजी मसा का मासिक पुण्य स्मृति दिवस जापकर मनाया गया। इस मौके पर उग्र विहारी एवं अभिग्रहधारी श्री राजेशमुनि मसा एवं श्री राजेन्द्रमुनिजी मसा ने 48 किलोमीटर का उग्र विहार कर रतलाम में पदार्पण किया। मालव भूषण श्री महेन्द्रमुनिजी मसा मलवासा पहुंच गए। सोमवार को उनका रतलाम में मंगल प्रवेश होने की संभावना है।
प्रवर्तकश्री ने प्रवचन में कहा कि कुछ आत्माएं समयत्व प्राप्त करते हुए परमार्थ तक पहुंच जाती है। मन, वचन और काया से किया गया पुरूषार्थ ही परमात्मा तक पहुचंाता है, इसलिए ऐसे कर्म करो, जो परमार्थ तक पहुंचाए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को संसार में अपने कर्मों का फल भोगना ही पडता है। आत्मा को अन्य धर्म परमात्मा का अंश मानते है, लेकिन जिनशासन आत्मा को ही परमात्मा मानकर कर्मों की निर्झरा पर बल देता है। इससे सीख लेकर प्रत्येक मनुष्य को संसार में उलझने के बजाए आत्मकल्याण के कार्य करना चाहिए।
अभिग्रहधारी श्री राजेशमुनिजी मसा ने प्रवचन में वर्षीतप की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तप और आराधना कभी व्यर्थ नहीं जाती। इसका फल सदैव कल्याणकारी रहता है। धर्मसभा को श्री दर्शनमुनिजी मसा एवं पूज्या श्री कल्पना जी मसा ने भी संबोधित किया। इस दौरान पूज्य श्री अभिनंदन मुनि जी मसा एवं महासती श्री रमणीक कुँवर जी मसा, पूज्या श्री चंदना जी मसा, पूज्या श्री लाभोदया जी मसा, पूज्या श्री जिज्ञासा जी मसा पूज्या श्री चंदनबाला जी मसा आदि ठाणा उपस्थित रहे।
श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश मूणत ने बताया कि प्रवर्तकश्री की निश्रा में रतलाम में 22 एवं 23 अप्रैल को श्री सौभाग्य तीर्थ पर अक्षय तृतीया का वर्षीतप पारणा महोत्सव आयोजित होगा। इसके लाभार्थी मधुबाला-दिलीप गंग परिवार रहेगा। महोत्सव के दौरान प्रवचन श्री सौभाग्य तीर्थ में होंगे। इससे पूर्व प्रतिदिन सुबह पौने नो से पौने दस बजे तक नोलाईपुरा स्थानक पर प्रवचन रखे गए है। सभा का संचालन रखब चत्तर ने किया। अंत में सपना बहन चत्तर की स्मृति में धर्मचंद चत्तर परिवार एवं प्रेमलता बहन-मूलचंद चैपडा परिवार द्वारा प्रभावना वितरीत की गई।