: विश्व किडनी दिवस : जानिए स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ किडनी क्यों जरूरी
Thu, Mar 9, 2023
बेहतर स्वास्थ्य एवं कुशल जीवन के लिए स्वस्थ किडनी का होना बहुत जरूरी है क्योंकि किडनी रक्त की सफाई व शरीर के अवशेष को बाहर निकालने के लिए विशेष भूमिका अदा करती है अतः इसे दुरुस्त रखना अत्यावश्यक है।
किडनी खराब होने के लक्षण
: रात्रि में बार बार पेशाब आना, पेशाब में झाग आना, लगातार खून की कमी, भूख ना लगना, बार बार उल्टी आना, शरीर में सूजन एवं दर्द का बने रहना कारण हो सकते हैं | अतः 40 वर्ष के बाद साल में एक बार संपूर्ण जांच कराना सुरक्षित जीवन के लिए जरूरी हो गया है| विशेषकर ब्लड प्रेशर एवं शुगर की जांच।
किडनी स्वस्थ रखने के उपाय
1 नवयुवकों में गुर्दे खराबी के अत्याधिक लक्षण एवं प्रत्यारोपण प्रकरण आ रहे हैं। उसके बचाव व उपचार संभव, सही समय पर सही ढंग से उपचार विशेषज्ञों द्वारा किया जाए।
2 खानपान एवं दैनिक योग व्यायाम जीवन शैली से इस रोग को आने से रोक सकते हैं।
3 अत्यधिक शुगर व नमक का सेवन ना करें।
भारतवर्ष में किडनी रोग से पीड़ित एक लाख से ज्यादा लोगों को डायलिसिस करवाना पड़ रहा है| अनेक लोग डायलिसिस सुविधा के अभाव में असमय काल ग्रस्त भी हो रहे हैं| लगातार डायलिसिस के कारण रोगी को दिल ,टीवी और घातक पीलिया बीमारी का खतरा सदैव बना रहता है|इन गंभीर बीमारियों के शरीर में आने से मरीज की मौत जल्दी हो जाती है|
रतलाम मेडिकल कॉलेज में संभागीय ऑर्गन प्रत्यारोपण प्राधिकार समिति सदस्य डीन डॉ जितेंद्र गुप्ता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रभाकर नानावरे, मेडिसिन विभाग प्रभारी डॉक्टर महेंद्र चौहान, सर्जरी विभाग प्रभारी डॉ नीलम चार्ल्स, स्वयंसेवी संस्था काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के गोविंद काकानी, वेकअप कनेक्ट टू केयर वेलफेयर सोसाइटी की श्रीमती मनीषा ठक्कर एवं डॉ अतुल कुमार द्वारा अब तक 65 अंग प्रत्यारोपण के प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं| जिसमें से 63 प्रकरण किडनी व दो प्रकरण लिवर प्रत्यारोपण के थे|इन 65 प्रकरणों में 55 पुरुषों एवं 8 महिलाओ के थे| लीवर प्रत्यारोपण के दोनों प्रकरण पुरुषों के रहे।
मां द्वारा पुत्र को किडनी देने का सराहनीय कार्य
: रतलाम मेडिकल कॉलेज डीन डॉ जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि मरीज के तत्काल चिकित्सा आवश्यकता को देखते हुए आज बैठक में आए प्रकरण में भी भरत सिंह चावड़ा उम्र 39 वर्ष को माता फुलकुवर उम्र 64 वर्ष ने किडनी देने का सराहनीय कार्य किया| साथ ही बैठक में लगातार सराहनीय सहयोग देने वाले सभी सदस्यों की प्रशंसा की।
इन प्रकरणों को देखने के पश्चात
बीमारी में पुरुष व दान में महिलाएं आगे
यह सुनिश्चित हो जाता है की पुरुषों में अत्यधिक नशा, शराब का सेवन, दर्द निवारक गोलियों का सेवन देखने में आया है जिसके कारण उन्हें यह समस्या पैदा हुई|जहां तक किडनी दान देने का आता है तो सर्वाधिक किडनी महिलाओं ने दी है |पुरुषों का प्रतिशत बहुत कम है|जो कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं का परिवार चाहे मायका हो या ससुराल के प्रति त्याग, समर्पण स्पष्ट रूप से नजर आता है।
संभागीय ऑर्गन प्रत्यारोपण प्राधिकार समिति एवं जिला रोगी कल्याण समिति सदस्य गोविंद काकानी
ने लोगों से किडनी रोग ना होने देने के लिए अत्यधिक शक्कर , नमक ना खाने, दर्द निवारक दवा का उपयोग आवश्यक होने पर ही लेने, मोटापे को शरीर पर हावी ना होने देने के लिए प्रतिदिन योग व्यायाम करने का आह्वान 9 मार्च विश्व किडनी ( गुर्दा ) रोग दिवस के उपलक्ष में किया है।
: आज का विचार में आज ख़ास जीवन में जो लोग क्रोध व अभिमान का बोझ लेकर चलते है अक्सर डूब जाते है
Sat, Mar 4, 2023
प्रिय पाठकों ? जीवन में दूसरों की बातों में आकर अपनों को कभी भी दुःखी मत करना , क्योंकि जब अपने दुःखी होते है तो अपनों के ही आंसू निकलते हैं ।
जीवन में हमेशा धैर्य रखे , प्रत्येक चीज़ समय पर ही होंगी
।
जीवन में सुख व दुःख तो आते जाते रहते है , दुःख के समय कभी भी घबराना नही चाहिए , क्योंकि ऐसे समय इंसान जल्दबाजी में ग़लत निर्णय ले
लेता है । जीवन मे संयम हमारे चरित्र की कीमत बढ़ाता है , परन्तु परिवार व मित्र हमारे जीवन की कीमत बढाते है ।
माली प्रतिदिन पौधों में पानी देता है , मगर फ़ल मौसम में ही आते है । इसलिए जीवन मे हमेशा धैर्य रखें , प्रत्येक चीज़ अपने समय पर ही होंगी । प्रतिदिन बेहतर काम करे , समय पर फ़ल अवश्य मिलेगा ।
अब जीवन की सबसे बड़ी , सच्ची व ख़ास बात कि :--
1, जीवन मे अनजान लोगों से यू ही मुलाकात नही होती है , कोई तो अधूरा रिश्ता पूरा होता होगा ।
2, जीवन मे जलने वालों की ही दुआ से ही सारी तरक्की है , क्योंकि जीवन मे अपना कहने वाले तो कभी कभी ही याद करते है ।
3, जीवन मे हमेशा लोगों के काम आते रहिए , प्रकृति का भी नियम है कि जिस कुँए से पानी पीते रहोगें कभी भी ख़ाली नही होगा ।
4, जीवन मे रास्तों की परवाह मत करो मंजिले बुरा मान जाएंगी । पुनः प्रयास से कभी भी नहीं घबराएं क्योंकि तब शुरुआत शून्य से नही , अनुभव से होंगी ।
5, जीवन मे इंसान के लिए बुरी बात यह हैं कि समय कम है , औऱ अच्छी बात यह हैं कि अभी भी समय है ।
6, जीवन मे होंसला किसी हकीम की दवा , कम नही है , यह इंसान की हर मुसीबतों में ताक़त की दवा है ।
7, है ईश्वर ? सभी ज्ञानियों , अज्ञानियों को सद्बुद्धि दो ।
नोट :-- मेरे हर मैसेज परिवार के सामने पढ़ सकते हो , किसी भी मैसेज में फूहड़ता , अश्लीलता नही होती है ।
अब्दुल रशीद शेख़ पत्रकार पुलिस सर्विलांस , दबंग भोपाल न्यूज़ , दबंग केसरी व रिटायर्ड टी आई इंदौर 9827230419 जय हिंद जय भारत 🇮🇳
: आज का विचार में आज ख़ास जीवन मे मृत्यु ही सत्य है बाकि सब झुट
Thu, Mar 2, 2023
प्रिय पाठकों ? ईश्वर ने इंसान को धरती पर बनाकर भेजा , लेकिन जन्म व मृत्यु अपने हाथों में रखा । अगर इंसान जन्म लेने के बाद नही मरता तो पृथ्वी पर हाहाकार मच जाता । सन्सार में जब किसी व्यक्ति को हद से ज़्यादा ख़ुशी मिले तो उसकी आँखों से जो आंसू निकलते है उसे ख़ुशी के व जब कोई अपना
सगा रिश्तेदार , या घनिष्ठ संबंध वाला व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो इंसान के आंखों से ग़म के
आंसू निकल जाते है । इस सन्सार में ख़ुशी व गमों के आंसुओं को आसानी से पहचाना जा सकता हैं ।
जीवन से लेकर मृत्यु तक कि कुछ विशेष ध्यान देने योग्य बातें :
जीवन मे इंसान को शमसान की राख देखकर ख्याल आना चाहिए कि सभी को एक न एक दिन मिट्टी में मिलना है तो जिंदगी में दूसरों को देखकर क्यों घृणा करें । एक दिन सबको राख ही होना है ।
रिश्ते परिवार से बनाये रखों ।
इस सन्सार में मरते तो सभी हैं, लेकिन जीवन में कुछ ऐसा करके जावों कि लोग , आपको , जीवन पर्यन्त याद करें ।
इस सन्सार में मृत्यु वह एक ऐसा स्थान है जहाँ जाना तो सभी को हे , लेकिन लौट कर कोई नही आता ।
इंसान की मृत्यु के बाद उसकी आँखें बंद हो जाती है ,क्योंकि तरल औऱ ऑक्सीजन कार्निया में प्रवाहित होना बंद
हो जाते है
सत्य क्या है नही पता , लेकिन कहते है कि मृत्यु के पूर्व उसे जीवन का फ्लैशबैक दिखाता है ।
जीवन मे किसी भी इंसान को मौत का डर सताए तो इसे थानाटॉफिया कहते है । उसे मनोवैज्ञानिक डॉक्टर साहब से सलाह लेना चाहिए ।
धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार शरीर नश्वर है व आत्मा अजय अमर
एक आंकड़े के अनुसार दुनिया भर में प्रतिदिन 1,50 ,000 लोग मरते है ।
है ईश्वर ? हर जीव की मौत तो सत्य है लेकिन , किसी भी जीव की दर्दनाक मौत मत दो , क्योंकि , लोग एक समय के बाद कहने लग जाते है कि यह सब उसके कर्मों का फ़ल है , यह कहकर आपको बदनाम करते है ।
आज आप भी पढ़कर सोचोगे की आज सभी बातें मृत्यु पर ही लिखी हैं लेकिन आपको बता दु कि सत्य सबको कड़वा लगता हैं ।
है ईश्वर ? सन्सार के सभी मृत आत्माओं को शांति प्रदान करें , साथ ही अपने चरणों में स्थान दो ।