आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय मुक्तिप्रभ सुरीश्वर जी म.सा : धर्म नगरी रतलाम में 3 आचार्य एवं 78 साधु एवं साध्वी भगवंत के साथ हुआ भव्य मंगल प्रवेश
Raj Kumar Luniya
Sat, May 3, 2025
आराधना भवन श्री संघ एवं सकल जैन श्रीसंघ में प्रातः से ही उल्लास का माहौल रहा एवं सैकड़ो की संख्या में श्रावक श्राविकाएं छोटू भाई की बगीची प्रातः से ही पहुंचना प्रारंभ हो गई। पूज्य गुरुदेव की रतलाम प्रवेश के पूर्व दो दिन की स्थिरता सौभाग्य जैन तीर्थ भगवान महावीर मार्ग (सागोद रोड) पर रही थी। प्रातः 8:30 बजे पूज्य गुरुदेव की भव्य प्रवेश शोभायात्रा लक्कड़ पीठा से प्रारंभ हुई। इस भव्य वरघोड़े का संपूर्ण लाभ जीव मैत्री परिवार रतलाम द्वारा लिया गया। शोभा यात्रा में प्रारंभ में शहनाई वादक चल रहे थे, उनके पीछे सुसज्जित अश्व एवं ऊंट पर युवक धर्म पताका का लिए चल रहे थे। परम पूज्य आचार्य देव रामचंद्र सुरीश्वर जी म.सा, आचार्य हेमभूषण सुरेश्वर जी म.सा, आचार्य पुण्यपाल सुरेश्वर जी म.सा की तस्वीर सुसज्जित बग्गियों में शोभायमान रही।

आराधना भवन के विभिन्न महिला मंडल अपनी पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण किए हुए चल रही थी। उनके पीछे आदिवासी नृत्य मंडली नृत्य करते हुए चल रही थी। सबसे आकर्षण का केंद्र सुसज्जित विशालकाय रथ पर चारों मुमुक्षु भाई बहन जो 14 मई को पूज्य आचार्य देव मुक्तिप्रभ सुरीश्वर जी म.सा. की निश्रा में दीक्षा ग्रहण करने जा रहे है, शोभायमान रहे। उनके पीछे बैंड सुमधुर धार्मिक गीत से समां बांध रहा था। उनके पीछे परम पूज्य आचार्य देव मुक्तिप्रभ सुरीश्वर जी म.सा अपने विशाल परिवार के साथ सभी को आशीर्वाद प्रदान कर रहे थे। पूरे रास्ते हजारों की संख्या में श्रावक श्राविकाओं ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया एवं जगह-जगह गहुली की गई। जीवमैत्री परिवार के साथी गण पूरे रास्ते नृत्य करते चल रहे थे। गुरु जी हमारे आए हैं नई रोशनी लाए हैं के नारे गूंजायमान रहे।

चांदनी चौक में पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी ने गुरुदेव की अगवानी कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बजाज खाने में कांग्रेस के मयंक जाट, धानमंडी में भाजयुमो अध्यक्ष विप्लव जैन एवं घास बाजार में पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने गुरुदेव की अगवानी करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। डालूमोदी चौराहे पर शैलेन्द्र मांडोत परिवार ने पूज्य गुरुदेव का गुरु पूजन कर कामली व पात्र वोहराए एवं संघ पूजन किया गया। जुलूस लक्कड़पीठा, चांदनी चौक, बजाजखाना, गणेश देवरी, धानमंडी, नाहरपुरा, दौलतगंज, घासबाजार होते हुए मोहन टॉकीज पहुंचकर धर्म सभा में परिवर्तित हो गया।

वरघोड़े में आराधना भवन श्री संघ अध्यक्ष अशोक लुनिया, उपाध्यक्ष पप्पू मुंबई वाला, सचिव हिम्मत गेलड़ा, सहसचिव राजेश गांधी आदि हजारों की संख्या में श्रावक श्राविकाओं ने शामिल होकर वरघोडे की शोभा बढ़ाई। मोहन टॉकीज पहुंचकर धर्म सभा में प्रारंभ में गुरु वंदन किया गया। आराधना भवन श्रीसंघ सचिव हिम्मत गेलड़ा ने स्वागत भाषण दिया।

पूज्य गुरुदेव ने फरमाया कि रतलाम एक धर्म नगरी है एवं यहां के लोगों का परम पुण्य है कि समय-समय पर उनको एक से बढ़कर एक आचार्य भगवंतो का चातुर्मास का लाभ मिलता रहता है एवं जिनवाणी सुनने को मिलती है जो कि अति आवश्यक है। जिनवाणी को श्रवण कर यथाशक्ति उसे आचरण में लाने का प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन अमृत जैन ने करते हुए आगामी 15 दिन में पूज्य आचार्य भगवंत की निश्रा में होने वाले समस्त कार्यक्रम की जानकारी दी।
Tags :
जैन_संत
जैन_धर्म
Jainism
विज्ञापन
विज्ञापन