चेक बाउंस मामले में कोर्ट सख्त : एक वर्ष के कठोर कारावास के साथ रुपये चुकाने के आदेश
Raj Kumar Luniya
Fri, Jan 23, 2026
उधार लिए गए पांच लाख रुपये न लौटाने और चेक बाउंस होने के एक मामले में माननीय न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती श्वेता शर्मा की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 1 वर्ष के सश्रम कारावास (कठोर कारावास) की सजा सुनाई है। साथ ही, फरियादी को हुए नुकसान की भरपाई के लिए ब्याज सहित कुल 8 लाख 7 हजार 500 रुपये प्रतिकर (मुआवजा) देने के निर्देश दिए हैं।
पूरा मामला : प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवनगर निवासी मोहम्मद रफीक पिता मोहम्मद अजीज से आरोपी बसंतीलाल पिता संतोषजी पंवार ने घरेलू एवं पारिवारिक कार्यों के लिए 5 लाख रुपये नकद उधार लिए थे। राशि लौटाने के आश्वासन के तौर पर बसंतीलाल ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का 5 लाख रुपये का हस्ताक्षरित चेक (दिनांक 26.03.2019) दिया था। जब मोहम्मद रफीक ने उक्त चेक बैंक में जमा किया, तो वह अपर्याप्त निधि (Insufficient Funds) की टिप्पणी के साथ अनादरित होकर वापस आ गया। राशि प्राप्त न होने पर फरियादी ने एडवोकेट चंद्रप्रकाश मालवीय के माध्यम से न्यायालय में परिवाद दायर किया।
ब्याज सहित राशि लौटाने का आदेश : मामले की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर आरोप सिद्ध पाए गए। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि परिवादी को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा है। कोर्ट ने आदेश दिया कि आरोपी को 1 वर्ष का सश्रम कारावास भुगतना होगा। चेक राशि (5 लाख रुपये) पर 26 मार्च 2019 से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज (3 लाख 7 हजार 500 रुपये) जोड़कर कुल 8 लाख 7 हजार 500 रुपये प्रतिकर के रूप में फरियादी को देने होंगे। यह समस्त राशि 4 माह के भीतर न्यायालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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