सैलाना थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कक्षा 10वीं के एक नाबालिग छात्र को डरा-धमकाकर और जान से मारने की धमकी देकर उससे नकदी सहित सोने के आभूषण हड़पने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले का तीसरा आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
दोस्ती की आड़ में शुरू की वसूली, फिर दी हत्या की धमकी : पीड़ित नाबालिग छात्र की पहचान कुछ समय पूर्व आदित्य सिसोदिया और अंकलेश मोगिया नाम के युवकों से हुई थी। आरोपियों ने पहले छात्र से दोस्ती की और फिर धीरे-धीरे उससे समय-समय पर 500 और 1000 रुपये जैसी नकदी की मांग करने लगे। जब छात्र ने और रुपये देने से मना कर दिया, तो आरोपियों ने उसे व उसके पिता को जान से मारने और रास्ते में कोई गंभीर वारदात अंजाम देने की धमकी देना शुरू कर दिया।
डर के मारे घर से उठा लाया सोने के जेवर : लगातार मिल रही धमकियों से नाबालिग छात्र इस कदर भयभीत हो गया कि उसने अपने ही घर से 3 सोने की अंगूठियां और 1 जोड़ी सोने के कान के आभूषण (झुमके) चुपचाप निकालकर आरोपियों के हवाले कर दिए। घर से आभूषण गायब होने पर जब परिजनों को शक हुआ और उन्होंने छात्र से कड़ाई से पूछताछ की, तब जाकर सहमे हुए बालक ने पूरी आपबीती सुनाई।
परिजनों के साथ थाने पहुंचे पीड़ित की शिकायत पर सैलाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 228/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5), 351(3) और 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
गिरफ्तार आरोपी: टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी आदित्य (पिता राजेंद्र सिंह सिसोदिया, निवासी मोती बंगला, सैलाना) और अंकलेश (पिता जुझारसिंह मोगिया, निवासी गीता भवन, सैलाना) को हिरासत में लिया।
खेत के कमरे से आभूषण बरामद करने में जुटी पुलिस : कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपने तीसरे साथी हर्ष उर्फ हर्षवर्धन गुर्जर (निवासी सकरावदा) के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था। उन्होंने हड़पे हुए आभूषणों को आदित्य के खेत पर बने एक कमरे में छिपाकर रखा है, जिसकी बरामदगी की कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है। फरार आरोपी हर्ष गुर्जर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका : इस त्वरित और सफल कार्रवाई में सैलाना थाना प्रभारी निरीक्षक पिंकी आकाश, उप निरीक्षक शीना खान, प्रधान आरक्षक संदीप भदौरिया, आरक्षक फकीरचन्द्र सोलंकी (थाना नामली), तूफान भुरिया, सूर्यप्रसाद, विजय मोहनिया, भारत अलावा, मुरली कटारिया और संदीप परमार की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।