अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहा Air India का Boeing 787‑8 Dreamliner (VT‑ANB) कुछ ही मिनटों में क्रैश हो गया।
हादसे का समय : टेकऑफ़ के कुछ ही मिनटों बाद, दोपहर 1:40 बजे यह क्रैश हुआ।
यात्रियों की संख्या : विमान में कुल 242 लोग सवार थे । जिसमें 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य थे।
यात्रियों की राष्ट्रीयता : 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक सवार थे।
हादसे का स्थान : विमान अहमदाबाद के मेघाणी नगर के रिहायशी इलाके में क्रैश हुआ।
आग और धुआं : दुर्घटना के बाद विमान में भीषण आग लग गई और काला धुआं चारों ओर फैल गया।
आपातकालीन कॉल : पायलट ने क्रैश से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल को “MAYDAY” कॉल दी थी।
राहत और बचाव कार्य : दमकल, NDRF, BSF और एम्बुलेंस टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं।
सरकारी प्रतिक्रिया : PM मोदी, अमित शाह और उड्डयन मंत्री ने दुख जताया और जांच के आदेश दिए।
क्रैश का असर : यह Boeing 787 की पहली जानलेवा दुर्घटना थी, जिससे boeing के शेयरों में 8% की गिरावट दर्ज की गई।
AI 171 विमान दुर्घटना: हादसा या सुनियोजित साज़िश ?
पढ़िए और खुद निर्णय कीजिए : टेकऑफ के मात्र 625 फीट बाद विमान क्रैश दोनों इंजन एक साथ बंद ! क्या यह मात्र संयोग था ? फिर... हुआ क्या ?
🔍 तकनीकी विश्लेषण क्या कहता है :
यदि फ्यूल टैंक से मेन सप्लाई वाल्व बंद हो तो इंजन केवल लाइन में बचे ईंधन पर 30–40 सेकंड ही चल सकते हैं और उस दौरान विमान 600–650 फीट की ऊँचाई तक पहुँच सकता है। AI 171 ने ठीक उतनी ही ऊँचाई ली फिर दोनों इंजन एक साथ बंद ! फिर बिल्डिंग पर प्लेन क्रैश ! स्फोट ! आग ! और तबाही !
सवाल ये है कि क्या किसी ने मेन फ्यूल सप्लाई वाल्व बंद किया ? यह वाल्व सिर्फ ग्राउंड टेक्निकल टीम की पहुँच में होता है। पायलट या फ्लाइट क्रू तक को इससे छेड़छाड़ का अधिकार नहीं होता। टेकऑफ से पहले इस वाल्व की जाँच अनिवार्य होती है और इसे केवल अधिकृत टीम ही देख सकती है। अगर इस वाल्व को किसी ने बंद किया तो क्यों किया ?
तथ्यों पर गौर करें : ईंधन भरा गया 127 हजार लीटर, PDTC (Pre-Departure Technical Clearance) पूरा हुआ पायलट्स रनवे क्लियरेंस के बाद विमान में पहुँचे, दोनों इंजन स्टार्ट हुए पर सिर्फ 30 सेकंड ही चले प्लेन नीचे आने लगा बिल्डिंग से टकराया और क्रैश होते ही पूरा ईंधन विस्फोटक में तब्दील हो गया। यदि यह तकनीकी चूक नहीं थी, तो यह क्या था ? यह जांच का विषय है कि यह प्लेन क्रैश एक हादसा था कि एक सोची-समझी साज़िश ?