निराश्रितों को सहारा जनसुनवाई : मंगलवार को पहुंचे 151 आवेदन
Wed, May 13, 2026
जिला कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में मंगलवार को साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर मिशा सिंह एवं सीईओ जिला पंचायत वैशाली जैन ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं को विस्तार से सुना और उनके आवेदन प्राप्त किए। आज की जनसुनवाई में कुल 151 आवेदन प्राप्त हुए।
मौके पर निराकरण के निर्देश: जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने उन आवेदनों का मौके पर ही उपस्थित विभागीय अधिकारियों के माध्यम से निराकरण कराया जो तत्काल हल किए जा सकते थे। शेष आवेदनों के लिए संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया कि वे एक निश्चित समय-सीमा के भीतर इनका निराकरण सुनिश्चित करें।
प्रमुख मामले: आवास योजना: मोतीनगर निवासी रमेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त जारी करने के संबंध में आवेदन दिया, जिस पर आयुक्त नगर निगम को कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।
भूमि का पट्टा: दीनदयाल नगर की मंजु ने पति के निधन और पुत्र के दिव्यांग होने के कारण आवास हेतु भूमि के पट्टे की मांग की। इस प्रकरण में भी आयुक्त नगर निगम को उचित कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
राजस्व रिकॉर्ड: ग्राम ईसरथुनी के बंटी मकवाना ने कृषि भूमि की भू-पुस्तिका में सुधार हेतु आवेदन दिया, जिसे तहसीलदार रतलाम को प्रेषित किया गया।
राशन और सहायता: नयापुरा की नसरिन ने राशन पोर्टल पर सदस्यों के नाम जुड़वाने और वार्ड 21 की कौशल्या ने दुर्घटना के बाद आर्थिक सहायता हेतु आवेदन दिया। इन पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के आदेश दिए गए।
प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनकर उन्हें पारदर्शी और त्वरित न्याय प्रदान करना है।
जनगणना कार्य में ढिलाई बर्दाश्त नहीं : रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह ने दिए कार्यवाही के आदेश
Mon, May 4, 2026
राष्ट्रीय महत्व के जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने और शासकीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता दिखाने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर मिशा सिंह ने नगर निगम रतलाम के जोनल चार्ज अधिकारी कुरैशी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं।
समय-सीमा का उल्लंघन और फोन न उठाना पड़ा भारी : आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जोनल अधिकारी कुरैशी को जनगणना से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने न केवल इस कार्य में अत्यधिक लापरवाही बरती, बल्कि कार्य भी समय पर पूरा नहीं किया। इसके अलावा, जिला कंट्रोल रूम द्वारा प्रगति रिपोर्ट और फीडबैक लेने के लिए उन्हें बार-बार कॉल किए गए, लेकिन उन्होंने फोन का कोई प्रत्युत्तर नहीं दिया।
कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लिया : जिला कंट्रोल रूम से संपर्क साधे जाने के बावजूद अधिकारी द्वारा कोई जवाब न देने और कार्य में ढिलाई बरतने की स्थिति को कलेक्टर मिशा सिंह ने बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने इसे शासकीय कार्य में घोर लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को तत्काल प्रभाव से जोनल चार्ज अधिकारी कुरैशी के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इस कड़े कदम से अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी समय पर और जिम्मेदारी से कार्य करने का कड़ा संदेश दिया गया है।
ई-टोकन नियम की अनदेखी पड़ी भारी : रतलाम के 06 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित
Tue, Apr 14, 2026
जिले में उर्वरक वितरण की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और किसानों को सुलभता से खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत 01 अप्रैल से अनिवार्य की गई
ई-विकास (ई-टोकन)
प्रणाली का उल्लंघन करने पर 06 निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई :
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास, श्री आर.के. सिंह ने बताया कि कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के आदेशानुसार जिले के सभी खाद विक्रेताओं को शत-प्रतिशत उर्वरक वितरण ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही करने के निर्देश दिए गए थे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ विक्रेता इस नियम की अनदेखी कर रहे हैं।
इन विक्रेताओं पर हुई कार्रवाई:
प्रशासन द्वारा जिन 06 फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, उनमें शामिल हैं:
प्रकाश चंद्र रतनलाल जैन
(जावरा),
पाटीदार किसान बाजार
(रोजाना, जावरा)
चारभुजा ट्रेडिंग कंपनी
(बड़ावदा, जावरा)
विश्वकर्मा ट्रेडर्स
(डोसीगांव, रतलाम)
राज केमिकल एंड फर्टिलाइजर
(रतलाम)
ग्राहक सेवा केंद्र
(गुडभेली, आलोट)
संतोषजनक नहीं मिला जवाब:
विभागीय जानकारी के अनुसार, उक्त विक्रेताओं को ई-टोकन प्रणाली का पालन न करने पर पहले 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया था। विक्रेताओं द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर
उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985
के प्रावधानों के तहत इनके लाइसेंस निलंबित करने की कड़ी कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों की चेतावनी:
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी निजी और सहकारी विक्रेताओं को शासन के ई-विकास पोर्टल के माध्यम से ही नियमानुसार खाद का विक्रय सुनिश्चित करना होगा, अन्यथा भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।