कलेक्टर के निर्देश पर रेस्टोरेंट्स में औचक निरीक्षण : पुष्पांजलि रेस्टोरेंट पर हुई चालानी कार्रवाई
Wed, Apr 22, 2026
21 अप्रैल
को शहर में घरेलू गैस सिलेंडर के अवैध व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशानुसार, जिला खाद्य अधिकारी और जीएसओ (GSO) की संयुक्त टीम ने मंगलवार को शहर के विभिन्न प्रमुख रेस्टोरेंट्स और भोजनालयों पर औचक दबिश दी।
इन प्रतिष्ठानों की हुई जांच
प्रशासनिक टीम ने त्रिमूर्ति रेस्टोरेंट, बालाजी रेस्टोरेंट, अग्रवाल स्वीट्स, जालाराम स्वीट्स, बालाजी सेंट्रल, 7 हिल्स, गुरु प्रसादम, राजभोग भोजनालय तथा पुष्पांजलि रेस्टोरेंट का सघन निरीक्षण किया।
निरीक्षण में क्या मिला?
जांच के दौरान अधिकांश बड़े प्रतिष्ठानों पर मानक नियमों के अनुसार डीजल भट्टी, कोयला भट्टी और कमर्शियल (व्यावसायिक) सिलेंडरों का उपयोग होता पाया गया। हालांकि,
पुष्पांजलि रेस्टोरेंट
में नियमों का उल्लंघन करते हुए घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा था।
कड़ी कार्रवाई के निर्देश
नियमों के उल्लंघन पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पुष्पांजलि रेस्टोरेंट से घरेलू सिलेंडर जब्त किया और संबंधित संचालक के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा ताकि घरेलू रसोई गैस के दुरुपयोग को रोका जा सके। प्रशासन ने सभी व्यापारियों को सख्त चेतावनी दी है कि वे केवल निर्धारित कमर्शियल सिलेंडरों का ही उपयोग करें।
विश्वास के 86 वर्ष : अक्षय तृतीया पर डी.पी.ज्वेलर्स पर आभूषणों का नायाब संग्रह
Sun, Apr 19, 2026
अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर इस वर्ष खरीदारी का विशेष 'स्वयं सिद्ध मुहूर्त' दो दिनों तक रहने वाला है। रविवार, 19 अप्रैल और सोमवार, 20 अप्रैल को मनाए जाने वाले इस महापर्व के लिए रतलाम का प्रतिष्ठित और विश्वसनीय संस्थान
डी.पी. ज्वेलर्स
पूरी तरह तैयार है। ग्राहकों की सुविधा और मुहूर्त की महत्ता को देखते हुए शोरूम दोनों दिन सुबह 10:30 बजे से देर रात तक खुला रहेगा।
परंपरा और पारदर्शिता का संगम :
संस्थान के डायरेक्टर
अनिल जी कटारिया
ने बताया कि डी.पी. ज्वेलर्स की नींव 1940 में स्व. श्री धूलचंदजी कटारिया द्वारा रखी गई थी। पिछले 86 वर्षों से संस्थान ने बदलते ट्रेंड के साथ कदम मिलाया है, लेकिन गुणवत्ता और शुद्धता के मापदंडों से कभी समझौता नहीं किया। आज देशभर में 30 लाख से अधिक परिवार डी.पी. ज्वेलर्स की पारदर्शिता और अटूट भरोसे के कारण इससे जुड़े हुए हैं।
विशाल संग्रह और आधुनिक सुविधाएँ : संतोष जी कटारिया
के अनुसार, डी.पी. ज्वेलर्स ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रमुख शहरों जैसे इंदौर, भोपाल, उदयपुर, कोटा और अजमेर सहित कई केंद्रों पर अपनी पहचान बनाई है। अक्षय तृतीया के अवसर पर शोरूम में:
हॉलमार्क गोल्ड एवं 100% नेचुरल डायमंड ज्वेलरी
का विशेष कलेक्शन।
सोने-चांदी के सिक्के, कलाकृतियाँ और बर्तनों की विस्तृत रेंज।
ग्राहकों के लिए लिफ्ट, पार्किंग और त्वरित बिलिंग की सुविधा।
खरीदी के बाद
निःशुल्क शुद्धता जाँच
की व्यवस्था।
आसान निवेश योजनाएं :
ग्राहकों की खरीदारी को सुगम बनाने के लिए
विकास जी कटारिया
ने जानकारी दी कि शोरूम पर
'स्वर्ण समृद्धि'
और
'डैज़लिंग डायमंड'
जैसी स्कीम्स उपलब्ध हैं। इनके माध्यम से ग्राहक किश्तों में भी ज्वेलरी खरीद सकते हैं। उन्होंने बताया कि मार्केट में लिस्टेड ब्रांड होने के नाते डी.पी. ज्वेलर्स का प्रत्येक डिज़ाइन ग्राहकों की पसंद और आधुनिक ट्रेंड को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है।
मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर खरीदा गया सोना सुख-समृद्धि लाता है। इसी भाव का सम्मान करते हुए डी.पी. ज्वेलर्स अपनी शुद्धता की विरासत के साथ ग्राहकों के स्वागत के लिए तत्पर है। खरीदारी के लिए रतलाम सहित डी.पी. ज्वेलर्स के सभी शोरूम्स पर विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि ग्राहकों को एक यादगार शॉपिंग अनुभव मिल सके।
ई-टोकन : बिना खाद बेचने वाले 5 निजी विक्रेताओं को नोटिस
Thu, Apr 9, 2026
जिले में उर्वरक वितरण की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू की गई ई-टोकन प्रणाली की अनदेखी करने वाले विक्रेताओं पर प्रशासन ने नकेल कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर मिशा सिंह के आदेशानुसार, जिले के 5 निजी उर्वरक विक्रेताओं को ई-टोकन के बिना खाद बेचने पर 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया गया है।
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास, श्री आर.के. सिंह ने बताया कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत 1 अप्रैल से पूरे जिले में
ई-विकास (ई-टोकन)
प्रणाली के माध्यम से ही शत-प्रतिशत उर्वरक वितरण के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद, 5 अप्रैल को निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पांच निजी विक्रेताओं ने बिना ई-टोकन जनरेट किए ही खाद का विक्रय किया।
होगी सख्त कार्रवाई :
कृषि विभाग के अनुसार, इन विक्रेताओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि इन विक्रेताओं के जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध
उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985
के प्रावधानों के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की सुविधा के लिए नियम अनिवार्य :
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो, ताकि किसानों को लंबी लाइनों से निजात मिले और कालाबाजारी पर रोक लग सके। सभी निजी और सहकारी विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी गई है कि वे केवल ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही खाद का वितरण सुनिश्चित करें।