: भाजपा पार्षद हितेश कामरेड ने बताईं उपायुक्त द्वारा की गई 7 अनियमितता, ईओडब्ल्यू तक पहुंचा मामला
Tue, Mar 19, 2024
सिविक सेंटर के 26 प्लॉट की गलत तरीके से रजिस्ट्री करवाने वाले नगर निगम उपायुक्त विकास सोलंकी की शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) तक पहुंच गई है। इसके पहले पार्षद कामरेड चुनाव आयोग को शिकायत कर चुके हैं। इसमें उन्होंने बताया है कि उपायुक्त 5 साल से अधिक समय से यहां पदस्थ हैं। इसलिए उनका स्थानांतरण किया जाए। दोनों ही शिकायतों को कामरेड ने मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप को भी भेजा है। भाजपा पार्षद हितेश कामरेड द्वारा की गई शिकायत में उपायुक्त की कार्यशैली और अनियमितता को 7 बिंदुओं में बताया गया।
अनियमितता 7 बिंदुओं में समझे
1- विकास शाख की योजना क्रमांक 71 सिविक सेन्टर स्थित 22 भूखण्डों की रजिस्ट्री में अनियमितता पूर्ण किये जाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही तथा रजिस्ट्री पर इनके हस्ताक्षर भी है।
2- विधानसभा निर्वाचन के पूर्व इनके द्वारा भा.ज.पा पार्षदों, राज्य सरकार व नगर सरकार के विरूद्ध नगर निगम कर्मचारी को भडकाकर सरकार के विरूद्ध माहौल बनाने के साथ ही पार्टी की छवि धूमिल किये जाने का प्रयास किया गया।
3- नगर निगम के सम्पत्तिकर विभाग, राजस्व विभाग व विकास शाखा के प्रकरणों जिनमें नामातंरण आदि कार्य है जो आमजन से संबंधित है उनमें बगैर लिए-दिए कार्य नहीं करना तथा प्रकरणों में पेड़िग रखना इनकी कार्यशैली का अभिन्न अंग हैं।
4- विधानसभा निर्वाचन के पूर्व भी निर्वाचन आयोग के निर्देश के उपरान्त भी 03 वर्ष से अधिक की समयावधि रतलाम नगर निगम में होने के पश्चात भी प्रशासनिक उच्चस्तर पर लेन-देन किये जाने से इनका स्थानतरण नहीं हुआ। विरूद्ध कार्यवाही हेतु शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया जावें। इस प्रस्ताव के पक्ष
5- श्री विकारा सोलकी द्वारा रतलाम नगर पालिक निगम में कर्मचारियों की गोग्यता व वरिष्ठता को अनदेखा किया जाकर गलत तरीके से विभिन्न पदों पर पदोन्नति एवं अनुकम्पा नियुक्ति की कार्यवाही की गई। व राभी टेबलों पर अपने व्यक्ति बढ़ाकर उन्हें भारी लाग पहुंचाया गया। साथ अन्य कर्मचारी के साथ भी भेदभाव किया जाना लगा।
6- श्री सोलंकी की कार्यशैली से रा. पार्षदगण, आमजन व नगर निगम के कर्मचारीयों में काफी असंतोष व्याप्त है इसी कारण न. निगम के साधारण रागिल्लन दिनांक 07.03.2024 में इनके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया जो राम्मानीय सदस्यों द्वारा बहुमत से पारित किया। (छायप्रति संलग्न है।) अविश्वास प्रस्ताव पारा होने के पश्चात् इनको कार्य मुक्त करने के बाद भी पुरानी तरीकों में इनके द्वारा फाईलों पर हस्ताक्षर किये जा रहें हैं व अपने लोगो को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
7- श्री विकारा सोलंकी रतलाम न.पा.नि. में वित्त विभाग से प्रतिनियुक्ति पर लेखाधिकारी के पद पर रतलाम पदस्थ हेतु इनके द्वारा तत्कालीन आयुक्त से सांठगांठ कर नगर निगम के कई विभागों का प्रभार लिया गया था। उक्त समस्त तथ्यो को दृष्टिगत रखते हुए श्री विकारा सोलंकी उपायुक्त के विरूद्ध विभागीय जांच की जाकर राक्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाकर आगामी लोकसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए इनका स्थानातंरण रतलाम नगर पालिक निगम से अन्य जगह किये जाने हेतु निर्देशित प्रदान करें।
: कलेक्टर एवं एस.पी ने मतगणना परिसर का निरीक्षण कर दिए निर्देश
Mon, Mar 18, 2024
रतलाम 18 मार्च 2024/
जिले में लोकसभा आम निर्वाचन 2024 की तैयारी जारी है। इस क्रम में सोमवार शाम कलेक्टर श्री राजेश बाथम स्थानीय शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय पहुंचे। महाविद्यालय परिसर में कलेक्टर द्वारा लोकसभा निर्वाचन पश्चात होने वाली मतगणना के लिए निरीक्षण किया।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री राहुल लोढ़ा, अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, एसडीएम श्री संजीव पांडे, निगम आयुक्त श्री हिमांशु भट्ट, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री अनुराग सिंह, नगर निगम के कार्यपालन यंत्री श्री सुरेश व्यास, सहायक यंत्री श्री श्याम सोनी, लोक निर्माण विभाग के सहायक यात्री श्री पी.के. राय आदि उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री बाथम ने लोकसभा निर्वाचन के लिए बनाए जाने वाले स्ट्रांग रूम तथा मतगणना कक्षों का जायजा लिया। जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रवार मतगणना कक्ष देखते हुए युक्तिसंगत कार्य के लिए उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया। संपूर्ण परिसर का भ्रमण करते हुए कलेक्टर द्वारा मतगणना के दौरान की जाने वाली आवश्यक व्यवस्थाओं यथा टेबुलेशन कार्य के लिए फर्नीचर, स्थापना, साफ सफाई, शौचालय, वॉशरूम हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
मतगणना के दौरान ईवीएम मशीनों को लाने ले जाने हेतु आवागमन मार्ग, सुरक्षा दलो, मतगणना कर्मियों तथा अन्य व्यक्तियों के लिए आवागमन मार्गो, निकास द्वारों के लिए भी बारीकी से पर्यवेक्षण कर मतगणना की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की।
: आचार संहिता प्रभावशील होने के साथ ही विभिन्न प्रतिबंधित आदेश लागू
Mon, Mar 18, 2024
कोलाहल नियंत्रण अधिनियम लागू
जारी आदेश के अनुसार संपूर्ण जिले में रात्रि 10.00 से प्रातः 6.00 बजे तक लाउड स्पीकर तथा ध्वनि विस्तार यंत्रों का सार्वजनिक उपयोग पूर्णत प्रतिबंधित रहेगा। सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त कर प्रातः 6.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम तथा ध्वनि प्रदूषण नियम के प्रावधान का अनुसरण कर ध्वनि मानक 40 डेसीबल या कुल क्षमता का 1/4 वॉल्यूम में से जो भी कम हो पर ध्वनि विस्तार यंत्रों का उपयोग किया जाएगा। किसी भी दशा में निर्धारित समय उपरांत अनुमति प्रदान नहीं की जा सकेगी। वाहन पर ध्वनि विस्तार यंत्र के उपयोग की स्थिति में वाहन का पंजीयन, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, फिटनेस आदि दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
यदि चलित वाहन में लाउड स्पीकर का प्रयोग किया जाता है तो उपयोग में लाए जाने वाले मार्ग अथवा क्षेत्र का विवरण प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। शासकीय विश्राम भवन, न्यायालय, चिकित्सालय, कलेक्ट्रेट, जेल, विद्यालय, शासकीय कार्यालय, पुलिस थाना, बैंक, दूरसंचार तथा अन्य क्षेत्र जो अन्यथा घोषित किया जावे आदि से 200 मीटर की परिधि में ध्वनि विस्तार यंत्रों के प्रयोग की अनुमति प्रदान नहीं की जावेगी। किसी भी आमसभा, जुलूस या चलित वाहन में ध्वनि विस्तार यंत्र दो चिलम के प्रयोग की अनुमति कम से कम 48 घंटे पूर्व संबंधित सक्षम अधिकारी से प्राप्त करना होगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध लोग प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 तथा मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी
ध्वनि विस्तार यंत्र के प्रयोग की अनुमति के लिए अधिकारियों को उनके क्षेत्र में अनुमति प्रदान करने हेतु सक्षम अधिकारी नियुक्त किया गया है, इनमें अपर जिला दंडाधिकारी का क्षेत्र संपूर्ण जिला सम्मिलित होने की स्थिति में रहेगा। इसी प्रकार अनुविभागीय दंडाधिकारी अपने-अपने अनुभाग विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में सक्षम अधिकारी होंगे।
जिले में धारा 144 के लागू
जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों के अनुसार सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना एक स्थान पर एक समय में पांच या पांच से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होंगे। कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार के धारदार या अन्य हथियार आग्नेय शस्त्र, हाकी, डंडा, रॉड इत्यादि लेकर नहीं चलेगा अथवा दुरुपयोग नहीं करेगा और ना ही प्रदर्शन करेगा। किसी भी प्रकार के उत्सव तथा समारोह में हवाई फायर वर्जित रहेंगे। इसी प्रकार कोई भी व्यक्ति समूह संस्था या अन्य सक्षम अधिकारी के अनुमति के बिना किसी भी स्थान पर सभा, धरना, प्रदर्शन, जुलूस, वाहन संधारण रैली आदि का आयोजन नहीं करेगा। शासकीय, अशासकीय स्कूल, मैदान, भवन, शासकीय कार्यालय के परिसर पर किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।
कोई व्यक्ति, संस्था, समूह या अन्य डीजे अथवा बैंड का संचालक सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना बैंड, डीजे, ध्वनि विस्तार यंत्र का उपयोग नहीं करेगा। प्रत्येक को मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 तथा इस संबंध मेंशासन के अन्य नियमों का पूर्ण पालन करना आवश्यक होगा। कोई व्यक्ति, संस्था, समूह या अन्य कोई भी धरना, जुलूस, प्रदर्शन, सभा या रैली आदि में एसिड, पेट्रोल, केरोसिन आदि ज्वलनशील पदार्थ अपने पास नहीं रखेगा या लेकर नहीं चलेगा या उपयोग नहीं करेगा। किसी भी प्रकार के धरना, जुलूस, प्रदर्शन, सभा या रैली आदि में पटाखे, विस्फोटक सामग्री का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अनुज्ञप्तिधारी को छोड़ कोई भी व्यक्ति बारूद, पटाखों का संग्रहण निर्माण या परिवहन नहीं करेगा।
कोई भी व्यक्ति, संस्था, समूह या अन्य किसी भी स्थान पर किसी भी प्रयोजन हेतु सक्षम अधिकारी के अनुमति के बिना टेंट, पांडाल आदि का स्थाई या अस्थाई निर्माण नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था या अन्य पक्ष किसी भी सड़क, रास्तों, हाईवे आदि पर एकत्रित होकर यातायात में व्यवधान नहीं करेंगे या किसी अन्य प्रकार से कोई रुकावट उत्पन्न नहीं करेंगे तथा किसी व्यक्ति को आने-जाने एवं उसके कार्य करने से नहीं रोकेंगे। कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था या ग्रुप एडमिन या अन्य सोशल मीडिया इलेक्ट्रॉनिक संसाधन जैसे मोबाइल, कंप्यूटर, फेसबुक, ईमेल, व्हाट्स एप एवं अन्य प्रकार के संचार साधनों पर किसी दल, धर्म, जाति, संप्रदाय, संस्था, व्यक्ति विरोधी एवं आम लोगों की भावना भड़काने तथा कानूनी व्यवस्था की विपरीत स्थिति निर्मित करने वाले आपत्तिजनक मैसेज, चित्र, कमेंट, बैनर, पोस्टर आदि अपलोड नहीं करेगा। मतदान दिनांक को मतदान केंद्र में तथा मतगणना के दिन मतगणना स्थल पर एवं इन स्थानों की निर्धारित परिधि में सेल्युलर फोन का उपयोग नहीं किया जा सकेगा और ना ही कोई व्यक्ति सेल्युलर फोन रख सकेगा। कोई भी व्यक्ति किराएदार रखेगा उसकी सूचना तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को देगा। समस्त होटल, लॉज तथा धर्मशाला में ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी उस संस्था के मैनेजर, स्वामी द्वारा संबंधित थाना प्रभारी को प्रतिदिन अवगत कराएंगे।
जारी आदेश के संबंध में सक्षम प्राधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं, इनमें संपूर्ण जिला सम्मिलित होने की स्थिति में अपर जिला दंडाधिकारी तथा अपने-अपने अनुभाग, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत अनुविभागीय दण्डाधिकारी सक्षम प्राधिकारी रहेंगे। आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा। आदेश तत्काल प्रभावशील होकर लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2024 की प्रक्रिया पूर्ण होने तक प्रभावशील रहेगा।
शस्त्र अनुज्ञप्ति निलंबित
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 17 के अंतर्गत जारी किए गए आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति निर्वाचन की संपूर्ण प्रक्रिया समाप्त होने तक अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग व उपयोग नहीं करेगा। समस्त शस्त्र अनुज्ञप्तिधारी आदेश जारी होने के तीन दिवस में अपने अपने शस्त्र संबंधित पुलिस थाने के थाना प्रभारी के पास जमा कराएंगे।
थाने में शस्त्र जमा करने की स्थिति में संबंधित थाना प्रभारी अनुज्ञप्तिधारी को शस्त्र जमा करने की पावती प्रदान करेंगे। अनुज्ञप्तिधारी शस्त्र डीलर के पास शस्त्र जमा करने की स्थिति में डीलर द्वारा शस्त्र जमाकर्ता को शस्त्र जमा करने की रसीद प्रदान की जाएगी जिसकी छायाप्रति शस्त्र अनुज्ञप्तिधारी द्वारा संबंधित थाने में शस्त्र जमा करने के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत की जाएगी। सभी अनुज्ञप्तिधारी शस्त्र डीलर शस्त्र जमा करने वाले अनुज्ञप्तिधारियो की सूची संबंधित थाने एवं कलेक्टर कार्यालय की शस्त्र शाखा में सात दिवस में प्रस्तुत करेंगे।
निर्वाचन अवधि में अनुज्ञप्तिधारी शस्त्र विक्रेता किसी को भी अस्त्र-शस्त्र एवं कारतूस का क्रय-विक्रय नहीं करेंगे तथा आदेश जारी होने के दिनांक के अंतिम स्टॉक की जानकारी संबंधित पुलिस थाने तथा कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे। सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी, नगर पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत आने वाले अनुज्ञप्तिधारी शस्त्र डीलर्स का प्रति सप्ताह में संयुक्त भौतिक सत्यापन करेंगे। अनुज्ञप्तिधारियो द्वारा जमा शस्त्र सुरक्षित स्थिति में रखने का दायित्व संबंधित जमा करता का होगा।
मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के अंतर्गत आदेश जारी
जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि कोई भी सामान्य, जनसामान्य रूप में या कोई भी राजनीतिक दल, उसका कार्यकर्ता, पदाधिकारी सामान्य या राजनीतिक प्रयोजन से किसी भी शासकीय परिसर का उपयोग राजनीतिक या सामान्य किसी भी प्रकार की प्रचार की सामग्री के प्रदर्शन के लिए नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति, संस्था आदि शासकीय भवन पर किसी भी प्रकार के पोस्टर, बैनर, स्लोगन, नारे आदि नहीं लिखेगा, ना ही उक्त आशय की सामग्री चस्पा करेगा। शासकीय, अर्द्धशासकीय संपत्ति जैसे टेलीफोन के खंबे, विद्युत खंबे, शासकीय स्थान के वृक्ष, रोड, डिवाइडर, सार्वजनिक स्थानों पर निर्मित चबूतरे, स्थानीय निकायों द्वारा सौंदर्यीकरण हेतु निर्मित संरचनाओं आदि पर भी झंडा, बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स आदि ना तो प्रदर्शित किए जाएंगे और ना ही लगाए जाएंगे। शासकीय सड़क मार्ग आदि को आरपार क्रॉस करती या शासकीय सड़क के समानांतर झंडिया, लाइट की सीरीज, चांदनी आदि नहीं लगाई जाएगी।
निजी संपत्तियों पर संबंधित भूमि, भवन स्वामी की लिखित अनुमति के बिना कोई प्रचार सामग्री डिस्प्ले या प्रदर्शित नहीं की जावेगी। यदि किसी पक्ष द्वारा उक्त निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है तो त्रुटिकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई करने एवं विकृति हटाने हेतु जिला दंडाधिकारी द्वारा अधिकारियों का लोक संपत्ति सुरक्षा दल गठित किया गया है जिनके अंतर्गत नगर पालिका निगम रतलाम, नगर पालिका जावरा तथा जिले के समस्त नगर परिषद क्षेत्र के लिए नोडल अधिकारी, संबंधित नगरीय निकाय के आयुक्त या मुख्य नगर पालिका अधिकारी रहेंगे। इसके नियंत्रणकर्ता अधिकारी, परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण रहेंगे। इसके अलावा जनपद पंचायतो के लिए संबंधी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नोडल अधिकारी रहेंगे। इसके नियंत्रणकर्ता अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत होंगे।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा 3 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि कोई भी जो संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी संपत्ति को स्याही, खड़िया, रंग, पोस्टर, बैनर, फ्लेक्स या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित करके उसे विरूपित करेगा वह जुर्माने से जो 1000 रुपए तक का हो सकेगा से दंडनीय होगा। इस अधिनियम के अधीन दंडनीय कोई भी अपराध संज्ञेय है।